MP Tourism का नया रिकॉर्ड, इंदौर-उज्जैन बने सबसे बड़े हब; 2025 में 21 करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
मध्य प्रदेश में 2025 में पर्यटन ने रिकॉर्ड बनाया। पर्यटकों की संख्या 21.05 करोड़ पहुंची। इंदौर, उज्जैन और धार्मिक स्थलों ने पर्यटन वृद्धि में अहम योगद...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 11:19:17 AM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 11:19:17 AM (IST)
MP Tourism का नया रिकॉर्ड। (एआई जनरेटेड)HighLights
- मध्य प्रदेश में 2025 में 21.05 करोड़ पर्यटक पहुंचे।
- पर्यटकों की संख्या में पिछले साल 57.9 फीसदी बढ़ोतरी हुई।
- इंदौर और उज्जैन में कुल 11.21 करोड़ यात्राएं दर्ज हुईं।
डिजिटल डेस्क। मध्य प्रदेश अब देश-दुनिया के सैलानियों के लिए एक फेवरेट डेस्टिनेशन बन चुका है। हालिया आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं कि राज्य के पर्यटन सेक्टर ने एक नया कीर्तिमान रच दिया है।
जहां साल 2024 में एमपी घूमने वालों की तादाद 13.33 करोड़ थी, वहीं 2025 में 57.9 फीसदी की जोरदार छलांग लगाते हुए 21.05 करोड़ के पार पहुंच गया। महज एक साल के भीतर 7.72 करोड़ नए पर्यटकों का आना यह साबित करता है कि मध्य प्रदेश का प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक सौंदर्य लोगों को अपनी ओर खींच रहा है।
पर्यटकों की पहली पसंद बने इंदौर और उज्जैन
- इस बार पर्यटन के इस महाकुंभ में सबसे ज्यादा रौनक इंदौर और उज्जैन में देखने को मिली। राज्य में आने वाले कुल पर्यटकों में से आधे से ज्यादा (करीब 53.3 प्रतिशत) लोगों ने इन्हीं दो शहरों में अपनी आमद दर्ज कराई। इन दोनों शहरों ने 2025 में 11.21 करोड़ यात्राओं का रिकॉर्ड बनाया है।
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- अगर पिछले साल से तुलना करें, तो उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या 7.32 करोड़ से बढ़कर 8.40 करोड़ (1.08 करोड़ की वृद्धि) हो गई है। वहीं, इंदौर ने तो सबको चौंकाते हुए 1.03 करोड़ के आंकड़े को पीछे छोड़कर सीधे 2.81 करोड़ (1.78 करोड़ की बढ़ोतरी) का मुकाम हासिल कर लिया है।
आस्था के नए केंद्रों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
- इस साल पर्यटन के नक्शे पर कुछ नए धार्मिक स्थलों ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। पर्यटन सूची में पहली बार शामिल हुए बागेश्वर धाम ने भी ग्राफ को ऊपर उठाने में अहम भूमिका निभाई। कुबेरेश्वर धाम, रतनगढ़ माता मंदिर, बगलामुखी मंदिर, श्री पीतांबरा पीठ और बागेश्वर धाम जैसे आस्था के केंद्रों पर करीब 3.51 करोड़ श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
इनमें सबसे ज्यादा भीड़ कुबेरेश्वर धाम (1.50 करोड़) और रतनगढ़ माता मंदिर (1 करोड़) में देखी गई। इसी कड़ी में बगलामुखी मंदिर में 51.69 लाख, पीतांबरा पीठ में 40 लाख और बागेश्वर धाम में लगभग 9 लाख भक्तों ने दर्शन किए। झीलों की नगरी भोपाल से लेकर पचमढ़ी की वादियों तक रौनक
- धार्मिक स्थलों के अलावा प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों का हुजूम देखने को मिला। झीलों की नगरी भोपाल में सैलानियों की संख्या 17.24 लाख से उछलकर 24.63 लाख जा पहुंची, जो 7.38 लाख की सीधी बढ़त है।
- पवित्र नगरी महेश्वर में भी 1.15 लाख का इजाफा हुआ और यह आंकड़ा 14.68 लाख पहुंच गया। इसके अलावा, अपनी प्राचीन कला के लिए मशहूर खजुराहो में 5.48 लाख, सांची में 3.81 लाख और पचमढ़ी की शांत और हरी-भरी वादियों में 3.11 लाख लोगों ने सुकून के पल बिताए।
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सात सालों का सबसे शानदार प्रदर्शन
- साल 2019 से 2025 तक के पिछले सात वर्षों के सफर पर नजर डालें, तो 21.05 करोड़ का यह आंकड़ा सबसे बेहतरीन है। (कोरोना से पहले 2019 में 17.80 करोड़, 2020 में 4.28 करोड़ और 2021 में 5.12 करोड़ यात्राएं दर्ज की गई थीं)।
मप्र टूरिज्म बोर्ड के एमडी इलैया राजा टी के अनुसार, प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र लगातार विकास की नई इबारत लिख रहा है। अब सरकार और टूरिज्म बोर्ड का अगला विजन सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्ता सुधारना और पर्यटकों के खर्च को बढ़ाना है। इसके लिए होमस्टे, विलेज टूरिज्म, अनुभव आधारित पर्यटन (एक्सपीरिएंशियल टूरिज्म) और नए होटल प्रोजेक्ट्स पर तेजी से फोकस किया जा रहा है। यह भी पढ़ें- दूध के दाम बढ़ाने की मांग पर किसान आंदोलन तेज, आज सांची डिपो घेरेंगे दूध उत्पादक; ये हैं मांगें