
इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मप्र लोकसेवा आयोग राज्यसेवा की मुख्य परीक्षा 2022 के लिए उत्तरपुस्तिका का प्रारूप (फार्मेट) जारी नहीं करेगा। परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी प्रैक्टिस में मदद के लिए प्रारूप की मांग कर रहे थे। बीती परीक्षा की उत्तरपुस्तिका में कमियों को लेकर अभ्यर्थियों ने पीएससी का ध्यान आकृष्ट किया था। अभ्यर्थियों के ज्ञापन के आधार पर पीएससी ने उत्तरपुस्तिका में जरूरी सुधार करने की तो हामी भर दी है। इसके बाद से अभ्यर्थी आस लगाए बैठे कि नए फार्मेट की माडल उत्तरपुस्तिका जारी होगी, ताकि उम्मीदवार प्रैक्टिस कर सकें।
30 अक्टूबर से राज्यसेवा मुख्य परीक्षा शुरू हो रही है। पीएससी ने बीती दो परीक्षाओं से ही प्रश्न और उत्तरपुस्तिकाओं का नया प्रारूप लागू किया है। इससे पहले के वर्षों में प्रश्नपत्र अलग आता था और उत्तर लिखने के लिए उत्तरपुस्तिका अलग दी जाती थी। दो वर्षों से पीएससी ने प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका को एक ही कर दिया है। प्रश्न पत्र में प्रत्येक प्रश्न के नीचे उसका उत्तर लिखने के लिए खाली जगह दी जाती है।
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राज्यसेवा परीक्षा-2021 होने के बाद अभ्यर्थियों ने शिकायत की थी कि उत्तरपुस्तिका का कागज खराब गुणवत्ता का था। इसके साथ ही लघु उत्तरीय प्रश्न के नीचे उत्तर लिखने के लिए दी गई जगह भी अपर्याप्त थी। साथ ही उत्तरपुस्तिकाओं ने दो लाइनों के बीच अंतर भी कम होने से हिंदी माध्यम वालों के लिए जवाब लिखना मुश्किल हो गया था। अभ्यर्थियों के ज्ञापन के बाद पीएससी ने जरूरी बदवालों और सुधार पर सहमति दी थी।
पीएससी ने साफ कर दिया है कि अभ्यर्थियों को माडल उत्तर पुस्तिका का प्रारूप जारी होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। पीएससी के ओएसडी रवींद्र पंचभाई ने कहा कि बीते वर्ष पहली बार नया फार्मेट लागू किया गया था। पहला मौका था इसलिए नई उत्तरपुस्तिका का प्रारूप हमने जारी किया था। अब ऐसी कोई जरूरत नहीं है। अभ्यर्थियों के सुझाव भी परीक्षा नियंत्रक तक भेज दिए गए थे। लाइनों के बीच जगह की कमी और अन्य जरूरी सुधार भी कर दिए जाएंगे।