नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। प्रदेश में भोपाल एवं इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना तैयार की जा रही है, जिसमें देवास जिला इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन का महत्वपूर्ण घटक है। आर्थिक विकास को गति देने के लिए शहरी मोबिलिटी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट एवं यातायात प्रबंधन को भी इकोनॉमिक प्लान का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सके।
यह प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और समग्र विकास को नई ऊंचाइयां देगी। यह चर्चा रविवार को कलेक्टर कार्यालय में हुई नीति आयोग की बैठक में की गई।
इकोनॉमिक प्लान तैयार किया जा रहा
मध्य प्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा राज्य में क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ग्रोथ हब पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल के अंतर्गत भोपाल आर्थिक क्षेत्र एवं इंदौर को विकास के प्रमुख इंजन के रूप में विकसित करते हुए औद्योगिक, अवसंरचनात्मक, मानव संसाधन एवं संस्थागत क्षमताओं का समेकित आकलन कर दोनों क्षेत्रों के लिए इकोनॉमिक प्लान तैयार किया जा रहा है।
इस संबंध में कलेक्टर ऋतुराज सिंह की उपस्थिति में जिला स्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में देवास जिले में विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। नीति आयोग भारत सरकार की इकोनॉमिक सलाहकार एना राय ने बताया कि नीति आयोग द्वारा वर्ष 2023 में शहरी नियोजन हेतु ग्रोथ हब फॉर सिटी रीजन की नई अवधारणा प्रारंभ की गई है।
देवास में निवेश की अपार संभावनाएं
बैठक में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने देवास जिले की औद्योगिक एवं निवेश संभावनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि देवास पुराना औद्योगिक क्षेत्र है। यह इंदौर, उज्जैन और भोपाल के ट्राई जंक्शन पर स्थित है।
यहां पर निवेश की संभावनाएं भी अधिक हैं। यहां पर अधिकतर बड़े मैन्युफैक्चरिंग उद्योग जैसे टाटा, आयसर, सनफार्मा आदि स्थित हैं। उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने जिले में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट की जानकारी भी दी।
देवीलोक बनने से बढ़ेगा पर्यटन
बैठक में पर्यटन, ऊर्जा, कौशल विकास एवं कृषि क्षेत्र के संबंध में चर्चा की गई। बताया गया कि देवास में माताजी टेकरी धार्मिक पर्यटन क्षेत्र है। यहां पर देवीलोक बनाने से पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा जिले में खिवनी अभयारण्य स्थित है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश का एक मात्र अभयारण्य है। यहां बाघ भी हैं। इस कारण अभयारण्य में पर्यटन विकास की अधिक संभावनाएं हैं।
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बैठक में पवन उर्जा के विस्तार, कृषि क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में उद्योगों से संबंधित नियामक अड़चनों, भूमि उपलब्धता, पर्यावरणीय चुनौतियों एवं कौशल अंतर को दूर करने हेतु समंवित प्रयासों पर चर्चा की गई।