अभिषेक चेंडके, इंदौर। Indore News पुराने मास्टर प्लान में संशोधन करने के बजाए अब इंदौर शहर के नए मास्टर प्लान पर काम शुरू हो चुका है। नई विकास योजना 2030 (Indore Master Plan 2030) के लिए बनेगी। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग मास्टर प्लान के सर्वे के लिए शहर के 300 इंजीनियरिंग छात्रों की मदद लेगा। इस बार मास्टर प्लान में शहर के आसपास के 100 से ज्यादा गांव (Village of Indore District) शामिल होंगे। 2008 में लागू हुआ शहर का मास्टर प्लान 2021 के लिए बनाया गया था। शहर को दो साल बाद नए मास्टर प्लान की जरूरत होगी। पहले पुराने मास्टर प्लान को ही संशोधन करने पर काम शुरू हो रहा था, लेकिन केंद्र सरकार के अमृत प्रोजेक्ट (Amrit Project) में शहर के मास्टर प्लान को लेकर भी मापदंड बनाए गए हैं। इसके बाद इंदौर का नया मास्टर प्लान बनाने के लिए सरकार की तरफ से निर्देश आए हैं और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है।

नए सिरे से होगा भूमि उपयोग का निर्धारण पूरे शहर का बेस मैप तैयार होगा। हर आवासीय इकाई की मैपिंग होगी। इसके लिए हैदराबाद की नेशनल रिमोट सेंसिंग अथॉरिटी से इस महीने शहर की सैटेलाइट इमेज मिल जाएगी। इमेज के हिसाब से शहर के सभी हिस्सों का मैदानी सर्वे होगा। इस सर्वे में मदद के लिए विभाग के अफसरों ने कॉलेजों से चर्चा भी कर ली है। सर्वे के माध्यम से शहर के ग्रीन बेल्ट, मास्टर प्लान रोड की वास्तविक स्थिति के बारे में पता चल जाएगा। इस सर्वे के परिणामों को ध्यान रखकर नए मास्टर प्लान में शहर के लैंडयूज का निर्धारण होगा। प्रोजेक्ट अमृत के मापदंडों के हिसाब से मास्टर प्लान तैयार होने पर केंद्र सरकार से अनुदान मिलने में भी आसानी होगी और नई योजनाओं के डेटा भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

यह होगा फायदा

- पुराने मास्टर प्लान की मियाद खत्म होने से पहले नए मास्टर प्लान की तैयारियां होने से तय समय पर नया मास्टर प्लान शहर में लागू हो सकेगा।

- बेस मैप का उपयोग दूसरे विभाग भी कर सकेंगे। मास्टर प्लान के लिए हुए सर्वे से शहर की आवासीय व व्यावसायिक इकाइयों के बारे में पता चल जाएगा। इसका उपयोग नगर निगम संपत्ति कर निर्धारण में कर सकेगा।

- मास्टर प्लान में लैंडयूज ऑनलाइन भी आसानी से समझे जा सकेंगे। अभी लोगों और दूसरे विभागों को इसके लिए नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से जानकारी जुटानी पड़ती है।

लैंडयूज का सही आकलन जरूरी

पुराने मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां अब बसाहट हो चुकी है। लैंडयूज का वास्तविक आकलन बहुत आवश्यक है। नए मास्टर प्लान की कवायद में इस पर विशेष ध्यान रखा जाएगा तो शहर की योजना भी वास्तविकता के करीब होगी। - जयवंत होलकर, पूर्व इंजीनियर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग

जीआईएस पर आधारित होगा मास्टर प्लान

नया मास्टर प्लान जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) पर आधारित होगा। शहर की हर बिल्डिंग की इमेज हैदराबाद से विभाग को मिलेगी। उसका भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा इसके बाद शहर के सभी भागों की वास्तविक जानकारी मिलेगी, जो मास्टर प्लान के लिए मददगार साबित होगी। -एसके मुद्गल, संयुक्त संचालक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग

Posted By: Prashant Pandey

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