दूषित पानी का कहर... भागीरथपुरा में टेलर के पास गया था रिटायर्ड शिक्षक, अब अस्पताल में भर्ती
भागीरथपुरा के रहवासियों के अलावा उस क्षेत्र में जाकर जिन लोगों ने खानपान किया है, वे भी बीमार हुए हैं। इसीलिए मरीजों के सामने आना का सिलसिला चल रहा है ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 06 Jan 2026 09:46:11 AM (IST)Updated Date: Tue, 06 Jan 2026 09:46:11 AM (IST)
रिटायर्ड शिक्षक अस्पताल में भर्तीनईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा के रहवासियों के अलावा उस क्षेत्र में जाकर जिन लोगों ने खानपान किया है, वे भी बीमार हुए हैं। इसीलिए मरीजों के सामने आना का सिलसिला चल रहा है। स्कीम नंबर-51 निवासी जगदीश श्रीवास (62) रिटायर्ड शिक्षक हैं। 15 दिन पहले भागीरथपुरा में वर्षों से जिस टेलर के पास कपड़े सिलवाने जाते हैं, उसके पास गए थे। उनके पास करीब तीन से चार घंटे बिताए थे।
पैरों में कमजोरी और चलने में परेशानी
चार दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें चोइथराम अस्पताल में भर्ती किया गया। प्रारंभिक जांच में वायरल इन्फेक्शन निकला। नर्व कंडक्शन स्टडी में गुइलेन बैरी सिंड्रोम (जीबीएस) की आशंका सामने आई है। इनका उपचार न्यूरोलाजिस्ट डॉ. नेहा राय कर रही हैं। सहयोगी डा. सावन ने बताया कि मरीज को सबसे पहले पैरों में कमजोरी और चलने में परेशानी महसूस हुई थी। इसके बाद हाथों में भी दिक्कत शुरू हो गई।
मौसम में जीबीएस के मरीज सामने आते हैं
लक्षणों को देखते हुए नर्व कंडक्शन स्टडी में जीबीएस की आशंका सामने आई। मरीज का प्लाज्मा एक्सचेंज उपचार शुरू किया गया है, जिसके दो साइकिल पूरे हो चुके हैं। इस मौसम में जीबीएस के मरीज सामने आते हैं। यह एक ऑटो इम्युन बीमारी है, लेकिन जरूरी नहीं है कि यह दूषित पानी के सेवन से ही हुआ है।
लोगों ने कहा- प्रशासन नहीं दे पा रहा शुद्ध जल
कई घरों में ताले लगे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से कोई भी यहां नहीं आ रहा है। पड़ोसियों का कहना है कि कई लोग रिश्तेदारों के यहां रहने के लिए चले गए हैं। जब तक साफ पानी नहीं आएगा, तब तक वे वापस नहीं लौटेंगे। रहवासियों ने बताया कि वे सावधानी बरतते हुए पानी उबालकर पी रहे हैं।