
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदाैर: प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी के साथ ही सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में भीख मांगना अब मजबूरी नहीं, बल्कि कमाई का जरिया बन चुका है। हाल ही में सामने आए करोड़पति भिखारी मांगीलाल के अलावा पहले भी कुछ लखपति और करोड़पति भिक्षुक सामने आ चुके है। बीते दो साल से जारी भिक्षुक मुक्त अभियान के दौरान कई ऐसे भिखारी सामने आए, जिनकी संपत्ति आम नौकरीपेशा लोगों से कई गुना अधिक थी। भिक्षावृत्ति में यह लोग हजारों रुपये कमाई कर रहे थे।
सराफा क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए मांगीलाल ने सभी को चौका दिया है। मांगीलाल मकान, ऑटो और कार का मालिक होने के साथ ही ब्याज पर रुपये चलता था। यह रुपये मांगीलाल 10 से 12 गुना पर चलता था और प्रतिदिन और सप्ताह के अनुसार वसूली करता था। छोटे व्यापारी और फेरी वाले इससे पैसे लेने वालों में शामिल थे। साथ ही सराफा क्षेत्र में भिक्षावृत्ति में हजारों रुपये की आमदानी भी हो जाती थी। मांगीलाल को उज्जैन स्थित सेवाधाम भेजा जा चुका है।
रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा का कहना है कि मांगीलाल को रेस्क्यू कर उज्जैन भेज दिया है, जहां पर काउंसलिंग की जाएगी। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि जैसे ओडीएफ टैग मिलने के बाद उसकी लगातार निगरानी की जाती है, वैसे ही भिखारी मुक्त शहर का दर्जा बनाए रखने के लिए कार्रवाई जारी है। इंदौर में भीख पर पूरी तरह रोक है।
2024 की शुरुआत में लवकुश चौराहे से रेस्क्यू की गई इंद्रा बाई का मामला सबसे ज्यादा चौंकाने वाला रहा। जांच में सामने आया कि उसने महज 6 हफ्तों में करीब 2.5 लाख रुपए जुटा लिए। महाकाल लोक कारिडोर बनने के बाद उज्जैन जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने का फायदा उठाते हुए इंद्रा बाई ने अपने 2 से 10 साल के पांच बच्चों को भी चौराहे पर बैठा दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि इंद्रा बाई के पास राजस्थान के कोटा के पास दो मंजिला मकान, कृषि भूमि है। वह हजारों रुपये का स्मार्टफोन इस्तेमाल करती थी।
अभियान के दौरान धार्मिक स्थलों पर भी इसी तरह की तस्वीर सामने आई थी।दिसंबर 2024 में शनि मंदिर के बाहर रेस्क्यू की गई 60 वर्षीय शकुंतला बाई के पास से करीब 75 हजार रुपए नकद मिले। उसने बताया कि यह रकम उसने एक सप्ताह में जुटाई।
इसी तरह बड़ा गणपति मंदिर से पकड़ी गई कला बाई के पास एयरपोर्ट के पास मकान, व्यास नगर में प्लाट और उज्जैन में जमीन मिली थी। वह रोजना भिक्षावृत्ति में 500 से 600 रुपए कमा रही थी। राजवाड़ा क्षेत्र में भीख मांगने वाली पूणम वर्मा, जो सड़क हादसे में एक पैर गंवा चुकी हैं, ने अपनी रोज की कमाई 1500 से 2500 रुपए बताई थी।