
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त की समस्या के साथ अभी भी मरीज सामने आ रहे हैं। शनिवार को 27 नए मरीज मिले हैं, इनमें से पांच को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। क्षेत्र में अभियान स्वास्थ्यवर्धन शुरू किया गया है। जिसमें गर्भवती महिला और बच्चों की विशेष जांच शुरू की गई है।
बच्चों में वजन और लंबाई से यह पता कर रहे हैं कि कहीं कुपोषित तो नहीं है। क्योंकि इस क्षेत्र में आशंका है कि बच्चे कुपोषित मिल सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक गैर संचारी रोग (एनसीडी), शिशु स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य की संपूर्ण जानकारी के लिए 51 दलों का गठन किया गया। दल के 204 सदस्यों ने घर-घर जाकर जानकारी ली।
इन दलों ने हिमोग्लोबीनोमीटर से एनिमिया की जांच और ग्लूकोमीटर के द्वारा मधुमेह की जांच की। साथ ही रक्तचाप की जांच भी की। स्वस्थ हुए लोगों का फालोअप किया। टीम ने 1018 घरों का सर्वे कर उन्हें किट प्रदान किया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस सर्वे की मानिटरिंग दिल्ली से आए एनसीडी के अधिकारी कर रहे हैं। जानकारी अनुसार इसकी एक रिपोर्ट डबल्यूएचओ को भी भेजी जाएगी। बता दें कि यह पहली बार जो इस स्तर पर इंदौर के किसी क्षेत्र में स्वास्थ्य को लेकर कार्य किया जा रहा है।
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सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने बताया कि मरीज, स्वजन सहित सभी रहवासियों के हेल्थ कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। जिसमें उनकी स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारी शामिल की जाएगी। इस कार्ड से भविष्य में भी तबीयत खराब होती है तो पुराना इतिहास मरीज को भी और डॉक्टर को भी पता चल सकेगा। हमारा प्रयास यह भी है कि ड्रेनेज का कार्य पुरा होने के बाद यहां विशेष शिविर लगाए जाएंगे। जिसमें निजी अस्पताल का भी सहयोग लिया जाएगा।
साथ ही उन्होंने बताया कि क्षेत्र में तीन एंबुलेंस लगाई गई है। साथ ही 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को यहां आने वाले मरीजों को एमवायएच, अरविंदों अस्पताल और चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा हैं।