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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Startup Day 2024: इंदौर में दो साल में बढ़े 812 स्टार्टअप, आर्थिक राजधानी को दे रहे रफ्तार

Startup Day 2024: इंदौर में साल 2022 तक केवल 350 स्टार्टअप थे, अब 1162 हुए। युवा नौकरी के बजाय खुद का काम करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

By Hemraj YadavEdited By: Hemraj Yadav
Publish Date: Tue, 16 Jan 2024 06:01:45 PM (IST)Updated Date: Tue, 16 Jan 2024 06:01:45 PM (IST)
Startup Day 2024: इंदौर में दो साल में बढ़े 812 स्टार्टअप, आर्थिक राजधानी को दे रहे रफ्तार

HighLights

  1. पूरे मध्य प्रदेश में कुल 3293 स्टार्टअप चल रहे हैं, जिनमें से 1162 इंदौर में ही संचालित हो रहे हैं।
  2. स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं की औसतन उम्र करीब 28 से 30 साल होती है। युवा हर क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं।
  3. भविष्य के स्टार्टअप में रोबोटिक्स, ड्रोन, फिनटेक, इंसोयर टेक, प्रोपटेक में नई-नई गतिविधियां होने की संभावना है।

Startup Day 2024: राघव तिवारी, नईदुनिया, इंदौर। इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है। साथ ही आइटी हब होने के चलते युवा इंदौर में स्टार्टअप को काफी बढ़ावा दे रहे हैं। पिछले कुछ सालों से युवाओं की मानसिकता में काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। युवा नौकरी के बजाय खुद का काम करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसका अंदाजा इंदौर में स्टार्टअप की प्रगति को देखकर लगाया जा सकता है।

पूरे मध्य प्रदेश में कुल 3293 स्टार्टअप चल रहे हैं, जिनमें से 1162 स्टार्टअप इंदौर में ही संचालित हो रहे हैं। 16 जनवरी 2022 को इंदौर में करीब 350 स्टार्टअप चल रहे थे, अब इनकी संख्या 1162 हो गई। इन दो वर्षों में इंदौर में 812 स्टार्टअप बढ़े हैं। स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं की औसतन उम्र करीब 28 से 30 साल होती है। लोगों के जरूरतों के हिसाब से युवा हर क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। हालांकि पिछले एक साल में इंदौर में करीब 120 स्टार्टअप बंद भी हुए हैं। 16 जनवरी को पूरे देश में राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस मनाया जाता है।


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अब एआइ बेस्ड होंगे स्टार्टअप

इन्वेस्ट इंदौर संस्था के सचिव सावन लड्डा ने बताया कि भविष्य के स्टार्टअप में एआइ पर काफी काम होगा। जैसे रोबोटिक्स, ड्रोन, फिनटेक, इंसोयर टेक, प्रोपटेक में नई-नई गतिविधियां होने की संभावना है। स्टार्टअप की संख्या बढ़ने के पीछे लोगों की जागरूकता है। सरकार भी स्टार्टअप के लिए काफी काम रही है इस वजह से लोग इस क्षेत्र में तेजी से आ रहे हैं। इसके अलावा वैल्यूएशन की समस्या अभी भी आ रही है। दूसरा, अगर बैंक से लोन मिलने की प्रक्रिया आसान हो जाए तो स्टार्टअप के शुरुआत होने की संख्या में काफी तेजी आएगी।

बेकार बोतलों से बनाई नई-नई चीजें

मनवीर सिंह खनूजा पिछले 10 सालों से पर्यावरण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया, प्लास्टिक की बोतलों का कोई विकल्प नहीं है। इसके लिए हमने नवंबर 2021 से इसके निस्तारण का काम करना शुरू किया। मनवीर ने ग्रीन हैवेन क्रिएशन नाम से स्टार्टअप की शुरुआत की। प्लास्टिक की बोतलों से लैपटाप बैग, फाइल फोल्डर, टोड बैग, गिफ्ट बैग इत्यादि बना रहे हैं। अभी तक 10 लाख बोतलों से 50 हजार बैग बना चुके हैं।

अकाउंटेंसी का स्टार्टअप, अब 350 करोड़ टर्नओवर

शहर की शानू मेहता 2014 से एक अकाउंटेंसी कंपनी चला रही हैं। इसमें विदेश की करीब एक लाख कंपनियों की अकाउंटिंग की जाती है। शानू ने बताया कि वह न्यूजीलैंड गई थीं। वहां घूमते हुए एक जगह देखा कि एक व्यक्ति कुछ लोगों पर नाराज हो रहा था कि साफ्टवेयर गलत हो गया.. काम फंस गया आदि। चूंकि शानू साफ्टवेयर इंजीनियर बैकग्राउंड से हैं और उनके पति सीए हैं। इसलिए उनके पति ने व्यक्ति से बात की और उनकी समस्या हल कर दी। इसके बाद दोनों ने अकाउंटेंसी का काम करना शुरू किया। आज उनकी कंपनी का टर्नओवर 350 करोड़ रुपये है।

स्टार्टअप ऐसा जो दृष्टिहीनों को बनाए सशक्त

शहर में निमिष जैन ने एआइ चश्मा बनाया है। यह दृष्टिहीनों को दुनिया का अहसास कराता है। निमिष ने आइ कैन नामक एक एप बनाया, जिसे ओपन करने से उसका कैमरा चलने लगता है और सामने जो भी आब्जेट होता है, उसके बारे में बोलकर बताता है। निमिष ने बताया कि पहले लोग मोबाइल हाथ में लेकर चलते थे तो परेशानी होती थी। इसके लिए फिर एआइ बेस्ड चश्मा बनाया। यह एक केबल से फोन से कनेक्ट होता है। चश्मे में ही कैमरा लगा है। दृष्टिहीन व्यक्ति जिधर देखता है, उसे वहीं की जानकारी मिल जाती है। करीब 10 हजार दृष्टिहीन इसका लाभ उठा रहे हैं।