
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर नगर निगम के आयुक्त क्षितिज सिंघल सोमवार सुबह शहर की सफाई व्यवस्था और मास्टर प्लान के तहत निर्माणाधीन सड़कों का जायजा लेने के लिए मैदानी स्तर पर उतरे। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में गंभीर कमियां पाए जाने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया और दो अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की।
निगमायुक्त ने सोमवार को जोन 2 और जोन 12 के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान चंद्रभागा पुल से कलालकुई और मछली बाजार क्षेत्र की सड़कों पर जगह-जगह कचरा और गंदगी फैली मिली। स्वच्छता के मानकों में लापरवाही देखकर निगमायुक्त बेहद नाराज हुए। उन्होंने मौके पर ही मछली बाजार क्षेत्र में गंदगी पाए जाने पर जोन-2 के सफाई दारोगा मनीष पथरोड़ और जोन-12 के दारोगा जहीर खान का एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वच्छता अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
निगमायुक्त ने मास्टर प्लान की सड़कों का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। चंद्रभागा पुल से मछली बाजार तक की सड़क के अवलोकन के दौरान उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर अनावश्यक और अवैध निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन बाधाओं को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए ताकि सड़क निर्माण का कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
दौरे के अगले चरण में निगमायुक्त बायपास स्थित होटल प्राइड से सिटी फॉरेस्ट तक बन रही नई मास्टर प्लान रोड का निरीक्षण करने पहुंचे। यह निर्माणाधीन सड़क 2.4 किलोमीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी है, जिसका निर्माण लगभग ₹29.52 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। आयुक्त ने निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को हिदायत दी कि कार्य की गुणवत्ता (Quality) के साथ कोई समझौता न किया जाए और परियोजना को गति देते हुए समय सीमा में पूरा किया जाए।
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निरीक्षण के अंत में निगमायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि इंदौर को स्वच्छता में अव्वल बनाए रखने के लिए हर कर्मचारी को मुस्तैद रहना होगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड पर जाकर निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि सड़कों पर कचरा फैलने की स्थिति उत्पन्न न हो।