• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Indore में इस सुपर स्पेशिएलिटी में कागजों में 45, लेकिन हकीकत में सिर्फ 18 कर्मचारी

एजाइल कंपनी कॉलेज प्रबंधन को ही धोखा दे रही है। कागजों में कंपनी अधिक कर्मचारी बता रही है, लेकिन हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं है। कंपनी ने कागजों में सु...और पढ़ें

By Vinay YadavEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 09 Sep 2025 10:28:16 PM (IST)Updated Date: Tue, 09 Sep 2025 10:28:16 PM (IST)
Indore में इस सुपर स्पेशिएलिटी में कागजों में 45, लेकिन हकीकत में सिर्फ 18 कर्मचारी
Indore के एजाइल का कारनामा।

HighLights

  1. एजाइल कंपनी कॉलेज प्रबंधन को ही धोखा दे रही है
  2. कागजों में कंपनी अधिक कर्मचारी बता रही है
  3. यह खुलासा एजाइल के ही कर्मचारियों ने ही किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमवाय अस्पताल में चूहे द्वारा नवजातों को कुतरने वाले मामले में लापरवाह एजाइल कंपनी कॉलेज प्रबंधन को ही धोखा दे रही है। कागजों में कंपनी अधिक कर्मचारी बता रही है, लेकिन हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं है। कंपनी ने कागजों में सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में 45 कर्मचारी काम करना बताया है, लेकिन यहां सिर्फ 18 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। यह खुलासा एजाइल के ही कर्मचारियों ने किया।

मंगलवार को कर्मचारी डीन कार्यालय अपनी मांगों को लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 14 जून से सेवा समाप्ति के बाद चार बार डीन से मुलाकात हो चुकी है। हमारी सैलरी पहले 25 हजार के करीब आती थी। लेकिन अब सिर्फ 10,500 रुपये मिल रही है। इतनी कम सैलरी में घर चलाना और बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है। हम कई बार अपनी मांग रख चुके हैं, लेकिन हमेशा आश्वासन दिया जाता है। इसलिए 10 सितंबर से सभी टेक्निकल स्टॉफ द्वारा काम बंद कर दिया जाएगा।


कॉलेज के पास अनुबंध रद्द करने का अधिकार

पेस्ट कंट्रोल में बरती इतनी बड़ी लापरवाही के बाद कंपनी पर सिर्फ एक लाख रुपये जुर्माने की कार्रवाई की गई है। इसके साथ पेस्ट कंट्रोल का अनुबंध कंपनी से समाप्त किया और ठेका निरस्त के लिए भोपाल पत्र लिखा। लेकिन दो मासूमों की मौत के बाद भी कंपनी को बाहर नहीं किया गया। इतने बड़े घटनाक्रम में एचएलएल कंपनी के मैनेजर अतुल मराठा और एजाईल के मैनेजर प्रदीप रघुवंशी दूर रहे। हाल ही में जीतू पटवारी अस्पताल आए थे, तब भी सिर्फ छोटे कर्मचारी को ले जाकर उनके सामने खड़ा कर दिया। जबकि सवाल तो इन दोनों से होना चाहिए।

यह भी पढ़ें- Indore में बच्चों से ड्रग्स बिकवाने वाली महिला बेनकाब, पुलिस ने किया गिरफ्तार

कंपनी पर सिर्फ एक लाख रुपये जुर्माने

बता दें कि अस्पताल की सफाई और सुरक्षा का अनुबंध मूल रूप से 2017 में केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम, एचएलएल इंफ्रा टेक सर्विसेज़ के साथ हुआ था, जिसने इस काम को निजी फर्म को दे दिया था। वर्ष 2023 से एजाइल इसका संचालन संभाल रही है। अनुबंध में स्पष्ट रूप से कालेज को लापरवाही की स्थिति में अनुबंध रद्द करने का अधिकार दिया गया है। पेस्ट कंट्रोल में कंपनी की लापरवाही पेस्ट कंट्रोल में बरती इतनी बड़ी लापरवाही के बाद कंपनी पर सिर्फ एक लाख रुपये जुर्माने की कार्रवाई की गई है। इसके साथ पेस्ट कंट्रोल का अनुबंध कंपनी से समाप्त किया और ठेका निरस्त के लिए भोपाल पत्र लिखा। लेकिन दो मासूमों की मौत के बाद भी कंपनी को बाहर नहीं किया गया।