
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर: भागीरथपुरा में सोमवार को 12 दस्त और उल्टी के नए मरीज मिले हैं। इममें से तीन को इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है। सोमवार को 50 दलों के 182 सदस्यों ने 1657 घरों का सर्वे किया। महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जांचें की गई। रक्तचाप, शुगर एवं एनीमिया की जांचे भी की गई।
सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि क्षेत्र के रहवासियों को हेल्थ कार्ड भी वितरित किए गए हैं, जिसमें उनके स्वास्थ्य के सूचकांकों की जानकारी दी गई है। अभियान स्वास्थ्यवर्धन के अंतर्गत मनोचिकित्सकीय परामर्श शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय को मानसिक रुप से स्वस्थ रहने के लिए ब्रिदींग प्रेक्टिस तथा अन्य तरीके भी सिखाए गए।
अभी अस्पतालों में 39 मरीज भर्ती है, इनमें से 10 मरीज आईसीयू में हैं। तीन दिन में 12 हजार से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य वर्धन अभियान के अंतर्गत किया गया है। 6 दिनों में 60 हजार नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तीन दिन में अब तक 12521 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण पूर्ण किया जा चुका है। गंभीर बीमारियों की पहचान होने पर संबंधित नागरिकों को तुरंत उच्च स्तरीय उपचार से जोड़ा जा रहा है।
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान डिहाइड्रेशन स्तर, एमयूएसी, पोषण स्थिति, हीमोग्लोबिन, एनीमिया, रक्तचाप, ब्लड शुगर, उच्च रक्तचाप, उल्टी-दस्त के मामलों का फालोअप, गर्भवती एवं धात्री माताओं की स्वास्थ्य स्थिति, गंभीर बीमारियां सहित अनेक महत्वपूर्ण मानकों की जांच की जा रही है।
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जलजनित घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग के मानसिक स्वास्थ्य की मजबूती के लिए भी कार्य कर रहा है। शिविर में 17 पुरुषों एवं 33 महिलाओं की जांच की एवं परामर्श दिया गया।
गोदावरी बाई (परिवर्तित नाम) पिछले 10 दिनों से सिरदर्द की शिकायत लेकर आई। स्क्रीनिंग के दौरान बताया कि 15 वर्षों से मानसिक रोग के उपचार में हैं। टीम ने एंजायोलाइटिक दवा दी। साथ ही उन्हें डीप ब्रीथिंग तकनीक सिखाई गई।
इसी प्रकार गंगाबाई (परिवर्तीत नाम) ने बताया कि वे लंबे समय से क्लास्ट्रोफोबिया (बंद जगहों से डर) से पीड़ित हैं, जिसके कारण उन्हें काफी मानसिक तनाव रहता है।