
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्षों और सदस्यों के रिक्त पदों के कारण उपभोक्ता मामलों की सुनवाई में हो रही देरी को लेकर डाॅ. पीजी नाजपांडे द्वारा मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए पत्र पर शुरू हुई जनहित कार्यवाही का हाई कोर्ट ने पटाक्षेप कर दिया।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट में बताया गया कि स्वीकृत 25 पदों में से 19 पद वर्तमान में पूरी तरह कार्यशील हैं, जबकि छह पद अभी गैर-कार्यशील हैं।
इन रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया के संबंध में राज्य को जानकारी है। स्थिति रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ता को भी उपलब्ध कराई गई। अधिवक्ता उपाध्याय ने कहा कि याचिका में मांगी गई राहत काफी हद तक पूरी हो चुकी है, इसलिए प्रकरण वापस लेने की अनुमति दी जाए।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए याचिका कर्ता द्वारा लिखा गया पत्र अब अपने उद्देश्य की पूर्ति कर चुका है। इसके साथ ही याचिका को वापस लेने के आधार पर निराकृत कर दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश कुमार उपाध्याय ने पक्ष रखा। राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ब्रह्मदत्त सिंह उपस्थित हुए।
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