
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जबलपुर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट रविशंकर राय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
इसके तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही दूसरे जिलों से जबलपुर की सीमा में आने वाले डीजे पर भी रोक लगा दी गई है। आदेश में नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, छठ पूजा सहित आगामी त्योहारों और जिले में यातायात व कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक आयोजनों का उल्लेख किया गया है।
प्रशासन के अनुसार, इन अवसरों पर बड़ी संख्या में डीजे आयोजन स्थलों पर पहुंचते हैं। तेज आवाज से नागरिकों के मौलिक अधिकार प्रभावित होने और हिंसक गतिविधियों या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान सभी प्रकार के आयोजनों के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति आयोजित कार्यक्रमों को अवैधानिक मानते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आयोजन के दौरान उच्च न्यायालय और जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना होगा।
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डीजे संचालकों को मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम और ध्वनि प्रदूषण नियमों के प्रावधानों का पालन करना होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों से आपत्तिजनक नारे या गाने प्रसारित करने पर रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले टेंट हाउस और डीजे संचालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में कहा गया है कि परिस्थितियां ऐसी हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को अलग-अलग सूचना देना संभव नहीं है। इसलिए इसे एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है और स्थानीय समाचार पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया जाएगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 सहित अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
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