नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रांझी जीसीएफ कर्मी के पुत्र नीतेश विश्वकर्मा (26) की हत्या का मास्टरमाइंड उसका बचपन का दोस्त रमनदीप सिंह निकला। दोनों ने कुछ समय पूर्व साथ मिलकर व्यापार शुरू किया था। फिर लेन-देन को लेकर उनके बीच मनमुटाव हुआ। जिसके बाद रमनदीन ने नीतेश की हत्या का षड्यंत्र रचा। अपनी गर्लफ्रेंड मनीषा कपूर उर्फ श्रुति (गौर स्थित होटल पसरीचा की ईवेंट मैनेजर) और ड्राइवर तौकीर खान को सुपारी दी।
जिसके बाद नीतेश को लेकर मनीक्षा बरगी नहर के पास घूमने गई। जहां, तौकीर ने नीतेश की हत्या किया। फिर दोनों ने मिलकर उसके शव को नहर में फेंक दिया। इसका पर्दाफाश बरगी नगर और रांझी पुलिस की जांच में हुआ है। तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। रांझी के संजय नगर निवासी जीसीएफ कर्मी सुधीर कुमार विश्वकर्मा का पुत्र नीतेश 24 अगस्त की रात को घर से अकेले निकला था। अगले दिन उसकी कार बरगी बांध के पास के पास मिली थी। 26 अगस्त को ग्राम सगड़ा झपनी के पास नहर में उसका शव उतराता मिला था।
मस्ताना चौक निवासी रमनदीप सिंह मारवाहा (29) और नीतेश विश्वकर्मा बचपन के दोस्त थे। गत वर्ष दोनों ने मिलकर एक कंपनी बनाई। दो पुराने हाइवा फायनेंस कराया। कुछ दिन तक साथ में रेत-गिट्टी का व्यापार किया। उसके बाद रमन ने हाइवा की देखरेख और हिसाब-किताब का जिम्मा ले लिया। गत कुछ माह से हाइवा खड़े थे। उनकी किस्त रमनदीप चुका रहा था। हाइवा की किस्त जमा करने के लिए रमनदीप ने नीतेश से 20 लाख रुपये मांगा।
इस पर हिसाब-किताब और हाइवा उसके ही पास होने का बोलेकर नीतेश ने रुपये देने से मना कर दिया। लेन-लेन को लेकर उनके बीच मनमुटाव गहराता चला गया। शत्रुता इतनी बढ़ गई कि रमनदीप ने नीतेश की हत्या कराने का सोच लिया। साजिश में अपने ड्राइवर आनंद नगर कुरैशी मार्बल के पास रहने वाले तौकीर खान (25) और रांझी के रावण पार्क आजाद नगर निवासी गर्लफ्रेंड मीनाक्षी कपूर उर्फ श्रुति (22) को 50-50 हजार रुपये की सुपारी देकर हत्याकांड को अंजाम दिलाया।
पुलिस जांच में पता चला कि रमनदीन ने मीनाक्षा को नीतेश से दोस्ती करने बोला और हत्या की पूरी योजना समझाई। नजदीकी बढ़ाने के बाद मीनाक्षा ने 24 अगस्त की रात को नीतेश को इंटरनेट मीडिया काल किया। होटल पसरीचा में मिलने बुलाया। नीतेश के पहुंचने के पहले रमनदीन ने मीनाक्षी के पास शराब की बोतल भिजवाया। जैसे ही नीतेश अपनी कार लेकर होटल पसरीचा पहुंचा, उसके साथ बरगी बांध घूमने का बोली। फिर नीतेश के साथ कार से बरगी नहर के किनारे पहुंची। जहां, नीतेश को लगातार शराब पिलाती रही।
होटल से निकलते समय मीनाक्षी ने रमनदीन के ड्राइवर तौकीर को मोबाइल पर अपनी लाइव लोकेशन भेज दिया। जिसका पीछा करते हुए वह दूसरी कहार से बरगी नहर के तट पर पहुंचकर छिप गया। जब नीतेश शराब के नशे में धुत्त हो गया तो मीनाक्षी ने इशारा किया। तौकीर ने कार में रखी राड ले जाकर नीतेश के सिर पर पीछे से तेज प्रहार कर दिया। बेहोश होने पर दोनों ने मिलकर उसके खींचकर नहर में फेंक दिया।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी ने बताया कि मृतक के सिर में चोट निशान थे। घटना से पूर्व कुछ लोगों ने नीतेश को एक युवती के साथ देखा था। छानबीन में युवती की पहचान मीनाक्षी के रूप में हुई। जांच में वह घटना वाली रात को एक कार में दूसरे युवक के साथ बैठकर जबलपुर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाती देखी गई। पूछताछ की गई तो पता चला वारदात के बाद तौकीर ने कार से मीनाक्षा को बरगी टोल प्लाजा के पास छोड़ा।
जहां, पर पहले उसे लेने के लिए रमनदीप खड़ा था। जिसने मीनाक्षी को टोल प्लाजा के पास यादव कालोनी में रहने वाली उसकी मौसी के घर पर छोड़ा और फिर रांझी अपने घर चला गया। आरोपितों ने हत्या को हादसा दिखाने के लिए नीतेश की कार में शराब की बोतल रखा। उसका मोबाइल फोन और कार की चाबी को नहर में फेंक दिया था। लेकिन जांच में उनकी साजिश का पता चला। आरोपितों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त राड, वाहन और सुपारी में दिए गए रुपयों में से बचे 30 हजार रुपये मीनाक्षी और 10 हजार रुपये तौकीर के कब्जे से जब्त किए गए है।