
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जैसे-जैसे स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने गुरुवार को शहपुरा विकासखंड के विभिन्न शासकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहपुरा में शाम 4:10 बजे निरीक्षण के दौरान एक भी छात्रा मौजूद नहीं मिली। हैरानी की बात यह रही कि विद्यालय के प्राचार्य भी अनुपस्थित थे और शिक्षक भी स्कूल छोड़ने की तैयारी में पाए गए। इस लापरवाही पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल संबंधितों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कक्षा में नहीं मिले शिक्षक, पढ़ाई का स्तर कमजोर
निरीक्षण के दौरान शासकीय हाईस्कूल मनकेड़ी में शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाते हुए नहीं मिले। बच्चों की उपस्थिति बेहद कम पाई गई और शिक्षण स्तर असंतोषजनक रहा। उपस्थिति बढ़ाने के लिए पालकों को दिए जाने वाले नोटिस तैयार तो किए गए थे, लेकिन भेजे नहीं गए। अर्धवार्षिक परीक्षा की कापियां भी विधिवत जांची नहीं गई थीं। प्री-बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में भी देरी पाई गई। प्रभारी प्राचार्य की डायरी, शिक्षक डायरी और डेटा रजिस्टर भी सही तरीके से संधारित नहीं मिले।
अधिकांश छात्र अर्धवार्षिक परीक्षा में फेल
शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलखेड़ा के निरीक्षण में बच्चों की उपस्थिति कम पाई गई। डेली डायरी और स्टूडेंट डेटा रजिस्टर अपूर्ण थे। अध्यापन कार्य नियमित नहीं पाया गया। अतिथि शिक्षक सुनीता ठाकुर एक माह से अनुपस्थित मिलीं। कक्षा दसवीं की अर्धवार्षिक परीक्षा में अधिकांश छात्र फेल पाए गए, जिससे शिक्षण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
होमवर्क देकर स्टाफ रूम में बैठे शिक्षक
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलखेड़ा में निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति अत्यंत कम रही। प्रयोगशाला अव्यवस्थित मिली और कक्षाओं में होमवर्क देकर शिक्षक स्टाफ रूम में बैठे पाए गए। इसी तरह शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (बालक) शहपुरा में भी छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही। निरीक्षण के दौरान पाई गई सभी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने संबंधित सभी प्राचार्यों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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