हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष का वाट्सऐप खाता दो बार बंद, एमपी हाई कोर्ट में दी गई चुनौती, दोनों खाते बहाल करने की मांग
पहले खाते को बंद करने से पहले न तो कोई कारण बताओ सूचना दी गई और न ही प्रतिबंध का कारण स्पष्ट किया गया।
Publish Date: Tue, 06 Oct 2026 03:25:36 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2026 03:25:36 PM (IST)
एमपी हाई कोर्ट में दी चुनौती, बहाल की मांग, फाइल फोटोHighLights
- सीनियर वकील मृगेंद्र सिंह का वाट्सऐप खाता बंद
- एमपी हाई कोर्ट में दी चुनौती, बहाल की मांग
- पहला खाता बंद होने पर लिया था दूसरा नंबर
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह ने वाट्सऐप द्वारा उनके दो खाते कथित तौर पर बिना पूर्व सूचना और कारण बताए बंद किए जाने को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि पहले उनका मुख्य वाट्सऐप खाता प्रतिबंधित किया गया। इससे पेशेवर कामकाज प्रभावित होने पर उन्होंने नया नंबर लेकर दूसरा खाता बनाया, लेकिन चार अक्टूबर को उसे भी बंद कर दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता घूंचा रसूल ने पक्ष रखा है। मामले की सुनवाई आज होगी।
खाता बंद होने से संवाद हुआ प्रभावित
याचिका के अनुसार, पहले खाते को बंद करने से पहले न तो कोई कारण बताओ सूचना दी गई और न ही प्रतिबंध का कारण स्पष्ट किया गया। नया नंबर लेने के बाद बनाए गए दूसरे खाते को भी प्रतिबंधित किए जाने से मुवक्किलों, अधिवक्ताओं और मुकदमों से संबंधित आवश्यक संवाद प्रभावित हुआ।
याचिका के मुताबिक, वाट्सऐप के गुरुग्राम स्थित शिकायत निवारण अधिकारी को कानूनी नोटिस भेजकर 48 घंटे में दोनों खाते बहाल करने तथा खातों को बंद किए जाने से संबंधित तकनीकी जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
कानूनी कार्रवाई की गई मांग
दावा है कि इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत निर्धारित शिकायत निवारण प्रक्रिया के विपरीत बताया गया है।
दोनों खाते तत्काल बहाल करने तथा केंद्र के इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की गई है। आरोपों पर अभी कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।