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नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने मैहर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने किसान के मकान को ढहाने के नोटिस पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह अंतरिम राहत दी।
मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी। मामला मैहर जिले के ग्राम हरनामपुर निवासी किसान शनि दयाल से संबंधित है। उन्होंने याचिका दायर कर मकान गिराने के लिए जारी प्रशासनिक नोटिस को चुनौती दी है। याचिका के अनुसार, वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए उन्हें भूमि आवंटित की गई थी।
यह भूखंड खसरा नंबर 27 पर स्थित है। याचिका कर्ता के पड़ोस में रहने वाली गीता पांडेय ने आरोप लगाया था कि मकान निर्माण से उनके आने-जाने के रास्ते पर अतिक्रमण हुआ है। इसी शिकायत के आधार पर प्रशासन ने मकान गिराने का नोटिस जारी किया।
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किसान का आरोप है कि मौके की वास्तविक स्थिति की उचित जांच किए बिना कार्रवाई प्रस्तावित की गई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमित मिश्रा ने कोर्ट में पक्ष रखा और मकान को ढहाए जाने से संरक्षण देने की मांग की।
नोटिस पर लगाई रोक
प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने मकान गिराने संबंधी नोटिस पर रोक लगा दी। इससे फिलहाल प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं हो सकेगी। हालांकि, यह अंतरिम आदेश है। अतिक्रमण के आरोप और प्रशासनिक कार्रवाई की वैधता पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।
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