मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने रद किया जिला बदर का आदेश, भोपाल के राकेश साधवानी को राहत
आपराधिक प्रकरणों की संख्या ही उसे जिला बदर करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकती।
Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 09:04:46 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 09:04:46 PM (IST)
जबलपुर हाई कोर्ट, फाइल फोटोHighLights
- हाई कोर्ट ने रद किया जिला बदर का आदेश
- आपराधिक प्रकरण जिला बदर का आधार नहीं
- कानून की निर्धारित शर्तें और साक्ष्य जरूरी
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। किसी व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों की संख्या ही उसे जिला बदर करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकती। इसके लिए कानून में निर्धारित शर्तों और ठोस साक्ष्यों का होना जरूरी है।
हाई कोर्ट ने भोपाल के राकेश साधवानी के मामले में जिला बदर आदेश निरस्त करते हुए इसी कानूनी कसौटी को रेखांकित किया। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध 19 आपराधिक प्रकरणों का हवाला देकर एक वर्ष के लिए भोपाल सहित आसपास के जिलों से बाहर रहने का आदेश दिया गया था, जबकि इस कार्रवाई के समर्थन में आवश्यक ठोस सामग्री का अभाव था।
विशेष रूप से, गवाहों के भय के कारण गवाही देने सामने नहीं आने के संबंध में पर्याप्त आधार नहीं मिला। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिव्यकृष्ण बिलैया ने दलील दी कि मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (ख) के तहत कार्रवाई के लिए निर्धारित वैधानिक शर्तों का पालन अनिवार्य है। हाई कोर्ट ने 16 अप्रैल 2026 के जिला बदर आदेश और दो जुलाई 2026 के अपीलीय आदेश को निरस्त कर दिया।