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जबलपुर में धान रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी मिली तो खेतों पर जाकर होगी जांच, इस बार 7 हजार ज्यादा पंजीयन

Dhan Kharidi Registration: खेतों की वास्तविक स्थिति और सैटेलाइट से मिली जानकारी में अंतर मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचकर सत्यापन करेंगे।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 08:56:09 AM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 09:12:21 AM (IST)
जबलपुर में धान रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी मिली तो खेतों पर जाकर होगी जांच, इस बार 7 हजार ज्यादा पंजीयन
जबलपुर कलेक्टर ने जिले में धान खरीदी रजिस्ट्रेशन को लेकर दिए दिशा-निर्देश। - प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. समय-सीमा की बैठक में विभागवार कार्यों की समीक्षा कर कलेक्टर ने दिए दिशा-निर्देश
  2. लंबित शिकायतों के जवाब पोर्टल पर दर्ज करने के साथ रैंकिंग में सुधार पर भी ध्यान देने के निर्देश
  3. कलेक्टर ने प्रत्येक निर्माण कार्य की समीक्षा कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर जिले में इस साल पिछले वर्षों की तुलना में करीब सात हजार अधिक धान पंजीयन होने के बाद प्रशासन ने सत्यापन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। सिकमी पंजीयन, पहली बार पंजीयन कराने वाले किसानों, पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों, नए खसरों और संयुक्त खातों से जुड़े पंजीयनों की विशेष जांच की जाएगी।

खेतों की वास्तविक स्थिति और सैटेलाइट से मिली जानकारी में अंतर मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचकर सत्यापन करेंगे। यह निर्देश सोमवार को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने समय-सीमा बैठक में दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, अपर कलेक्टर रविशंकर राय और अखिलेश सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


बैठक में धान पंजीयन, राजस्व प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन, प्रसूति सहायता, एम्बुलेंस सेवाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने 50 और 100 दिन से अधिक समय से लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर उनके निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। बजट और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का परीक्षण कर समाधान करें। लंबित शिकायतों के जवाब पोर्टल पर दर्ज करने के साथ विभागीय रैंकिंग में सुधार पर भी ध्यान दें।

प्रसूति सहायता में न हो देरी

विवाह के बाद महिलाओं की समग्र आईडी पति के परिवार में स्थानांतरित नहीं होने से अमल-2.0 पोर्टल पर पति का विवरण प्रदर्शित नहीं होने और प्रसूति सहायता भुगतान प्रभावित होने की समस्या सामने आई। कलेक्टर ने एसडीएम को स्वास्थ्य, श्रम विभाग, बीएमओ और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करने को कहा।

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पुरानी समग्र आईडी को यथासंभव स्थानांतरित करने और अनावश्यक नई आईडी बनाने से बचने के निर्देश दिए। निजी और सरकारी एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर, चिकित्सा उपकरण, डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता की जांच होगी।

शहर के भीतर और नागपुर सहित अन्य शहरों तक मरीजों को ले जाने की दरों तथा 108 एम्बुलेंस के नियमों की जानकारी एक सप्ताह में मांगी गई है। कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के सीईओ को शेष आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण इसी सप्ताह शुरू कराने और प्रत्येक निर्माण कार्य की समीक्षा कर नियमित निगरानी करने निर्देश दिए।

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