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निजी एंबुलेंसों पर कसेगा शिकंजा, जबलपुर में एक सप्ताह के अंदर पंजीयन और ऑडिट अनिवार्य

जिले में संचालित निजी एंबुलेंसों की सुविधाओं में लापरवाही और अव्यवस्थाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएम...और पढ़ें

By Ramkrishan paramhans pandeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 08:08:39 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 08:08:39 PM (IST)
निजी एंबुलेंसों पर कसेगा शिकंजा, जबलपुर में एक सप्ताह के अंदर पंजीयन और ऑडिट अनिवार्य
आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. प्रशिक्षित होने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं
  2. वेंटिलेटर और प्रशिक्षित स्टाफ की होगी जांच
  3. नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सभी निजी एंबुलेंस मालिकों और संचालकों को अपनी एंबुलेंस का निर्धारित मानकों के अनुरूप पंजीयन कराने और नियमित ऑडिट करवाना अनिवार्य होगा।

कार्यालय पहुंचकर एंबुलेंस का परीक्षण कराएं

डाॅ. कोठारी ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी निजी एंबुलेंस संचालक आगामी एक सप्ताह के भीतर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी एंबुलेंस का परीक्षण कराएं।

108 एंबुलेंस सेवा के निर्धारित मानकों के आधार पर होगी जांच

एंबुलेंस में उपलब्ध सुविधाओं की जांच 108 एंबुलेंस सेवा के निर्धारित मानकों के आधार पर की जाएगी। इसके लिए एंबुलेंस को उन्नत जीवन रक्षक सेवा (एएलएस) और बुनियादी जीवन रक्षक सेवा (बीएलएस) श्रेणियों में वर्गीकृत कर पंजीकृत किया जाएगा।

आक्सीजन से लेकर वेंटिलेटर तक की होगी जांच

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निजी एंबुलेंसों में कई बार ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने, सिलिंडर भरे हुए नहीं मिलने और वेंटिलेटर के क्रियाशील नहीं होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। वेंटिलेटर संचालन के लिए डाॅक्टरों और तकनीशियनों के डिग्रीधारी अथवा प्रशिक्षित होने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

लापरवाही मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा

ऐसी लापरवाही आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इन्हीं समस्याओं पर अंकुश लगाने के लिए निजी एंबुलेंसों का भी 108 एंबुलेंस सेवा की तर्ज पर निर्धारित श्रेणियों के अनुसार नियमित, मासिक आडिट कराया जाएगा।


आवश्यक सुविधाओं की स्थिति पर निगरानी

एंबुलेंस में उपलब्ध जीवन रक्षक उपकरणों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति पर निगरानी रखी जा सकेगी। सीएमएचओ डा. कोठारी ने सभी निजी एंबुलेंस मालिकों और संचालकों को निर्धारित समय-सीमा में परीक्षण एवं पंजीयन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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