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माध्यमिक शिक्षा मंडल का महत्वपूर्ण निर्णय, बोर्ड परीक्षाओं में अतिथि शिक्षकों की भी लगेगी ड्यूटी

माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा समिति के निर्णय के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में पहली बार अतिथि शिक्षकों को भी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी ...और पढ़ें

By Ramkrishan paramhans pandeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 10:51:44 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 10:51:44 PM (IST)
माध्यमिक शिक्षा मंडल का महत्वपूर्ण निर्णय, बोर्ड परीक्षाओं में अतिथि शिक्षकों की भी लगेगी ड्यूटी
जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में भी लगभग 80 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. जनगणना के चलते शिक्षकों की कमी दूर करने की तैयारी
  2. एमपी बोर्ड परीक्षाओं में संभालेंगे पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी
  3. परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की कमी होने की आशंका

नई दुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश में फरवरी-मार्च 2027 में होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान इस बार अतिथि शिक्षकों को भी परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

परीक्षा संबंधी पर्यवेक्षण कार्य में ली जाएंगी

जनगणना के कार्य में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के कारण परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की कमी होने की आशंका है। ऐसे में पहली बार अतिथि शिक्षकों की सेवाएं भी परीक्षा संबंधी पर्यवेक्षण कार्य में ली जाएंगी।


शिक्षकों की उपलब्धता का मुद्दा उठाया गया है

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसमें वर्ष 2027 की मुख्य और द्वितीय बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन के लिए शिक्षकों की उपलब्धता का मुद्दा उठाया गया है।

परीक्षाओं की तारीखें निर्धारित की गई

मंडल के अनुसार, परीक्षा कार्यक्रम तैयार करने से पहले जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयक संस्थाओं के प्राचार्यों, लोक शिक्षण संचालनालय, राज्य शिक्षा केंद्र और जनगणना विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई थी। इसी के आधार पर परीक्षाओं की तारीखें निर्धारित की गई हैं।

फरवरी और मार्च में जनगणना का काम भी

जनगणना 2027 के दूसरे चरण के लिए दिसंबर 2026 में फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण प्रस्तावित है। इसके बाद जनवरी 2027 में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। फरवरी 2027 से मैदानी कार्य शुरू होगा, जो 1 से 5 मार्च तक भी जारी रहेगा। इसी अवधि में बोर्ड परीक्षाएं भी आयोजित होनी हैं।

नियमित शिक्षकों की उपलब्धता प्रभावित

जनगणना और परीक्षा संबंधी दायित्व एक साथ आने से नियमित शिक्षकों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए अतिथि शिक्षकों को परीक्षा व्यवस्था से जोड़ने का फैसला किया गया है।

करीब 2 लाख 5 हजार शिक्षक कार्यरत

मंडल के पत्र के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय विद्यालयों में करीब 2 लाख 5 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। जनगणना के पहले चरण में इनमें से 94,660 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में भी लगभग 80 हजार शिक्षक कार्यरत हैं।

प्रदेश में 70 हजार अतिथि शिक्षक

नियमित शिक्षकों के साथ स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 70 हजार अतिथि शिक्षक भी सेवाएं दे रहे हैं। इन अतिथि शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में नहीं लगाई जाती है, इसलिए बोर्ड परीक्षाओं के दौरान उनकी सेवाएं लेने की योजना बनाई गई है।

परीक्षा व्यवस्था और जनगणना, दोनों पर ध्यान

माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा समिति के निर्णय के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में पहली बार अतिथि शिक्षकों को भी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे परीक्षा केंद्रों पर कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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