
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: मोबाइल अपडेट होने, फोन हैक करने और बैंककर्मी बनकर झांसा देने के जरिए साइबर ठग लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। शहर में सामने आए चार मामलों में आरोपितों ने बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये निकाल लिए। कहीं मोबाइल अपडेट होने के बाद खातों से रकम गायब हो गई, तो कहीं रिवार्ड प्वाइंट और अतिरिक्त भुगतान के बहाने ठगी की गई। शिकायतों पर संबंधित थानों की पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली थाना क्षेत्र में उखरी साकेत नगर निवासी अंशुल अग्रवाल (32) की विजयनगर में अनाज की दुकान है। एक अक्टूबर को उनका मोबाइल अपने आप अपडेट होने लगा। दो दिन तक यूपीआइ नहीं चला। चार अक्टूबर को सेवा शुरू होने पर हिस्ट्री चेक की, तो तीन अक्टूबर को केनरा बैंक खाते से 95 हजार और यूनियन बैंक खाते से 25 हजार रुपये निकलने का पता चला। कुल 1.20 लाख रुपए की धोखाधड़ी पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
घमापुर थाना क्षेत्र के कांचघर स्टेशन रोड निवासी ज्योति टेकाम (28) को 21 सितंबर को एक काल आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंककर्मी बताकर क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड प्वाइंट रिडीम कराने का झांसा दिया। उसने गूगल पर लिंक टाइप करने को कहा। ऐसा करते ही उनका फोन फारवर्ड हो गया और क्रेडिट कार्ड से एक लाख 24 हजार 118 रुपये निकाल लिए गए।
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गढ़ा थाना क्षेत्र के देवताल पहाड़ी निवासी राधा बाई अहिरवार (48) का केनरा बैंक खाता बेटे राकेश के मोबाइल से लिंक है। 10 अक्टूबर को राकेश का फोन हैंग होकर अपडेट होने लगा। बाद में यूपीआइ खोलने पर खाते से होराना स्टोर को 39 हजार और देवा किराना को 50 हजार रुपये भेजे जाने का पता चला। पुलिस ने गुरुवार को मामला दर्ज किया।
बेलखेड़ा के ग्राम हिनौतिया निवासी राजकुमार लोधी का मोबाइल कुछ दिनों पूर्व हैंग होकर अपडेट हुआ। इसके बाद उनके खाते से 69 हजार 200 रुपये गायब मिले। उन्होंने बात में खाता जांचा तो धोखाधड़ी का पता चला।
केंट थाना क्षेत्र के लियो कंपाउंड निवासी एजोलिना स्टर्ट को अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। उनके खाते में गलती से 30 हजार रुपये चले जाने की बात कही हैं। मैसेज देखकर उन्होंने बात पर भरोसा कर लिया। आरोपित ने तीन हजार रुपये भेजने के बजाय 30 हजार रुपए भेजने का दावा किया और बाकी 27 हजार रुपये क्यूआर कोड के जरिए वापस मंगवा लिए।
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