जबलपुर हाई कोर्ट में असिस्टेंट प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया को लेकर सुनवाई, कोर्ट ने कहा- नई नियुक्तियां अंतिम आदेश के अधीन रहेंगी
हाई कोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास) की चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं।
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 07:46:37 AM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 07:47:39 AM (IST)
असिस्टेंट प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई, फाइल फोटो नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास) की चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं।
न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि याचिका लंबित रहने के दौरान की गईं नियुक्तियां हाई कोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन रहेंगी।
मामला विमल कुमार तिवारी व अन्य बनाम मध्य प्रदेश शासन व अन्य से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सतेंद्र ज्योतिषी ने बताया कि मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग (एमपी-पीएएसी) ने वर्ष 2025 में इतिहास विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ता लंबे समय से महाविद्यालयों में अतिथि विद्वान के रूप में कार्य कर रहे हैं।
याचिका में चयनित अभ्यर्थियों की मार्किंग और उनके द्वारा दी गई जानकारी पर आपत्ति जताते हुए चयन प्रक्रिया को नियम विरुद्ध बताया गया है।
साथ ही पात्र अतिथि विद्वानों के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत प्रावधान का अनुचित लाभ दिए जाने का आरोप लगाया गया है। हाई कोर्ट ने प्रतिवादियों से जवाब मांगा है।