
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: बाबाधाम की कांवड़ यात्रा के दौरान 200 रुपए में रुद्राक्ष बेचकर पहचान बनाने वाले गिरोह ने सस्ते सोने के सिक्कों का लालच देकर दो लोगों से 2 लाख 10 हजार रुपए ठग लिए।
आरोपियों ने पहले असली सोने का सिक्का दिखाकर भरोसा जीता और फिर ज्यादा सिक्के देने के बहाने बुलाकर नकदी, मोबाइल और कपड़ों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। पनागर पुलिस ने शनिवार रात धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम निवासी विश्वजीत भकत (36) सेल्समैन है। अगस्त में वह अपने ममेरे भाई रितेश के साथ झारखंड के देवघर स्थित बाबाधाम गया था। वहां रुद्राक्ष बेचने वाली महिला से उसकी पहचान हुई।
सितंबर में बंटी नामक व्यक्ति ने संपर्क कर पुराने सोने के सिक्के कम कीमत पर देने का लालच दिया। उसे फोन कर मिलने के लिए जबलपुर बुलाया। बाद में बाद में बुढ़ागर (पनागर) में उसे 1.18 ग्राम का एक सिक्का दिखाया, जिसे सुनार ने सोना बताया।
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इसके बाद बंटी ने 50-60 सिक्के देने के बदले 2.10 लाख रुपए लाने को कहा। 24 अक्टूबर को विश्वजीत और रितेश रकम लेकर जबलपुर पहुंचे। शाम को पनागर क्षेत्र के कुशनेर अंडरब्रिज बायपास पर बंटी दो साथियों के साथ मिला। सिक्के दिखाने पर विश्वजीत को नकली होने का संदेह हुआ। इसी दौरान आरोपी बैग में रखी नकदी, मोबाइल और कपड़े लेकर भाग गए। पुलिस ने शनिवार की रात दर्ज किया है।
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