• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

20 साल बाद बदलेगी रफ्तार, 18 करोड़ रुपये से नया होगा जबलपुर का वेलोड्रम; यह मिलेंगी नई सुविधाएं

खेल विभाग के अनुसार वेलोड्रम के कायाकल्प के लिए करीब 18 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित है। डीपीआर अंतिम चरण में है।

By Ramkrishan paramhans pandeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 08:00:56 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 08:47:23 PM (IST)
20 साल बाद बदलेगी रफ्तार, 18 करोड़ रुपये से नया होगा जबलपुर का वेलोड्रम; यह मिलेंगी नई सुविधाएं
स्वीकृति के बाद अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ट्रैक और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. फ्लडलाइट से लेकर हाॅस्टल तक की सुविधाएं
  2. दरारों से घिरे 333 मीटर के ट्रैक है अभी
  3. बनेगा 250 मीटर का अंतरराष्ट्रीय बैंक्ड ट्रैक

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। पुराना 333 मीटर सीमेंट ट्रैक हटाकर 250 मीटर का अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला बैंक्ड ट्रैक, फ्लडलाइट, आधुनिक जिम, रेसिंग साइकिलें और 50 बेड का हाॅस्टल प्रस्तावित है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ट्रैक

खेल विभाग के अनुसार वेलोड्रम के कायाकल्प के लिए करीब 18 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित है। डीपीआर अंतिम चरण में है। स्वीकृति के बाद अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ट्रैक और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

18 करोड़ में बदलेगी तस्वीर

  • 250 मीटर का नया अंतरराष्ट्रीय बैंक्ड ट्रैक।
  • 20 रेसिंग साइकिलें उपलब्ध होंगी।
  • -50 बेड का बालक-बालिका हास्टल।
  • फ्लडलाइट और आधुनिक जिम की सुविधा।
  • राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन का लक्ष्य।

पुराने वेलोड्रम पर एक नजर

  • निर्माण : 2004-05
  • लागत : 04 करोड़ रुपये
  • मौजूदा ट्रैक : 333 मीटर सीमेंट
  • उद्देश्य : तीसरी नेशनल साइकिलिंग चैंपियनशिप
  • शुरुआती वर्षों में नियमित अभ्यास व राष्ट्रीय शिविर
  • बाद में कोच और बजट की कमी से गतिविधियां सिमटीं
  • 2015-16 के बाद रखरखाव प्रभावित

20 साल पहले कैसे बना था

2004-05 में जबलपुर में तीसरी नेशनल साइकिलिंग चैंपियनशिप के लिए इस वेलोड्रम का निर्माण कराया गया था। उस समय इसे प्रदेश का पहला और इकलौता बैंक्ड ट्रैक वेलोड्रम कहा गया था। निर्माण के समय यह पंजाब के बाद राष्ट्रीय स्तर का दूसरा वेलोड्रम था, जिसे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बनाया गया था।

2015-16 के बाद मेंटेनेंस बंद हो गया

333 मीटर का यह ट्रैक सीमेंट से बना है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक 250 मीटर लकड़ी के ट्रैक का है। शुरुआती पांच साल यहां रोज अभ्यास होता था, राष्ट्रीय शिविर भी लगे, लेकिन 2015-16 के बाद मेंटेनेंस बंद हो गया।

ट्रैक वर्तमान में क्षतिग्रस्त हो चुका

खेल विभाग के पास न तो स्थाई कोच रहा, न ही बजट। धीरे-धीरे ट्रैक पर घास उग आई और बाउंड्रीवाल टूट गई। यह भी महत्वपूर्ण है कि उचित रख-रखाव और उपयोग के अभाव में यह ट्रैक वर्तमान में क्षतिग्रस्त हो चुका है और इस पर चारों ओर दरारें आ गई हैं।


नई योजना क्या है

नया ट्रैक : पुराने सीमेंट ट्रैक को तोड़कर 250 मीटर का अंतरराष्ट्रीय नया बैंक्ड ट्रैक बनेगा, जिस पर राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा हो सके।

लाइट और जिम : फ्लड लाइट, आधुनिक जिम, 20 अत्याधुनिक रेसिंग साइकिलें मिलेगी।

हाॅस्टल : 50 बेड का बालक-बालिका हास्टल ताकी बाहर के खिलाड़ी यहीं रहकर अभ्यास कर सकें।

कभी राष्ट्रीय साइकिलिंग प्रतियोगिताओं और शिविरों की मेजबानी कर चुका रानीताल स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का वेलोड्रम अब अपनी ही बदहाली का गवाह बना हुआ है।

मेहनत दिखाई देती थी, वहां आज दरारें

जिस ट्रैक पर कभी साइकिलों की रफ्तार और खिलाड़ियों की मेहनत दिखाई देती थी, वहां आज दरारें, खराब लाइटें और सुविधाओं का अभाव व्यवस्था की अनदेखी को उजागर करता है।

जर्जर स्थिति में पहुंच चुका

करीब दो दशक पहले चार करोड़ रुपये खर्च कर बनाया गया प्रदेश का एकमात्र ट्रैक रेस वेलोड्रम अब उपयोग के लिहाज से जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है।

साइकिलिंग गतिविधियों को खत्म कर दिया

शुरुआती वर्षों में यहां नियमित अभ्यास के साथ राष्ट्रीय शिविर भी लगे, लेकिन स्थायी कोच, रखरखाव और बजट की कमी ने धीरे-धीरे साइकिलिंग गतिविधियों को खत्म कर दिया।

खिलाड़ी और कोच दोनों दूर होते गए

2015-16 के बाद ट्रैक का नियमित मेंटेनेंस तक नहीं हो सका। फीडर सेंटर में 25 से ज्यादा खिलाड़ी अभ्यास करते थे, लेकिन समय के साथ खिलाड़ी और कोच दोनों दूर होते गए। अब करीब 18 करोड़ रुपये की योजना इस तस्वीर को बदलने का दावा कर रही है।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में 100 नई बसों का आगाज, 45 ई-बसें 7 रूट पर दौड़ीं