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जबलपुर में गणेश उत्सव पर जर्जर सड़कों का विघ्न, उखड़ी डामर, बिखरी मिट्टी और गड्ढे खुलेआम दे रहे हादसों को दावत

जबलपुर में डामर उखड़ने, बिखरी गिट्टी और गड्ढों से सड़कें हादसों को न्योता दे रही हैं।

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 01:05:54 PM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 01:06:42 PM (IST)
जबलपुर में गणेश उत्सव पर जर्जर सड़कों का विघ्न, उखड़ी डामर, बिखरी मिट्टी और गड्ढे खुलेआम दे रहे हादसों को दावत
शहर के प्रमुख मार्गों पर बने सड़कों में गड्ढे, नईदुनिया

HighLights

  1. शहर में जर्जर सड़कें बनी जी का जंजाल
  2. जगह-जगह प्रमुख मार्गों में गड्ढे बने मुसीबत
  3. कुछ महीनों पहले ही बनी थीं सड़कें

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर में गणेशोत्सव की तैयारियों के साथ प्रमुख मार्गों पर प्रतिमाओं का आगमन शुरू हो गया है। हालांकि, डामर उखड़ने, बिखरी गिट्टी और गड्ढों से सड़कें हादसों को न्योता दे रही हैं।

महज कुछ महीने पहले बनी सड़कों की परतें उखड़ने से नगर निगम के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

57 फीसदी बारिश में बदहाल हुई सड़कें

मानसून की महज 57 फीसदी बारिश में शहर की प्रमुख सड़कें और कॉलोनियां बदहाल हो चुकी हैं। त्योहारों से पहले नगर निगम मरम्मत का दावा तो कर रहा है, लेकिन तस्वीरें कुछ और बयां करती हैं।

धरातल पर गड्ढों में ईंट, मिट्टी और बजरी भर खानापूर्ति की जा रही है। बारिश होते ही सामग्री बहकर मार्गों को और खतरनाक बना सकती है।

चार महीने पहले बनी सड़क उखड़ी

रसल चौक, नौदरा ब्रिज, भंवरताल चौक, पर्यटन तिराहा, स्टेशन रोड, दमोह नाका सहित कई प्रमुख मार्गों पर सड़कें बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हुई हैं। सवाल इसलिए गंभीर है, क्योंकि कुछ सड़कों की मरम्मत व निर्माण बारिश पूर्व ही लाखों की लागत से कराया था।

निगम की लैब में सिर्फ मोटाई की जांच, गुणवत्ता की नहीं

सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बड़ा सवाल नगर निगम की जांच व्यवस्था पर उठ रहा है। निगम ने वर्ष 2012 में प्रोजेक्ट उत्थान में नगर निगम परिसर में सड़क निर्माण सामग्री की जांच के लिए लैब स्थापित की। शुरुआती दौर में निर्माणाधीन सड़कों की सामग्री, गुणवत्ता के साथ मोटाई की जांच की जाती थी।


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बाद में जांच प्रक्रिया कमजोर पड़ी। लैब को दोबारा सक्रिय किया, लेकिन वर्तमान में यहां मुख्य रूप से सड़कों की मोटाई की जांच किए जाने की बात सामने आ रही है।

सड़क की गुणवत्ता जांच के लिए शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज या निजी लैब की रिपोर्ट पर निर्भरता बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इन्हीं रिपोर्टों पर ठेकेदारों के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

सवाल है कि जब सड़क निर्माण का काम निगम की निगरानी में हो रहा है तो निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच निगम के स्तर पर नियमित और प्रभावी तरीके से क्यों नहीं हो रही?।

बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। जोन स्तर पर मरम्मत कार्य जारी है। बारिश का सीजन खत्म होते ही सड़कों का डामलीकरण कार्य कराया जाएगा, निविदा जारी की जा रही है। नागरिकों को परेशानी न हो इसके लिए जहां गड्ढे है, मरम्मत कराई जाएगी। कमलेश श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री नगर निगम

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