• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

जबलपुर में करोड़ों की बिजली योजनाएं फेल, 50 से ज्यादा कॉलोनियों में बदहाल बिजली व्यवस्था, बांस-बल्ली के सहारे चल रही सप्लाई

शहर में दमोह नाका, आइटीआई, सिविल लाइंस, मेडिकल रोड और सगड़ा में स्ट्रीट लाइट, सेंट्रल लाइटिंग और हाईमास्ट के खंभों के नीचे खुले तार मिलने की शिकायतें ...और पढ़ें

By Pankaj TiwariEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 10:52:26 AM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 10:52:26 AM (IST)
जबलपुर में करोड़ों की बिजली योजनाएं फेल, 50 से ज्यादा कॉलोनियों में बदहाल बिजली व्यवस्था, बांस-बल्ली के सहारे चल रही सप्लाई
जर्जर खंभों पर तारों के गुच्छे, सड़क पर मीटर, नईदुनिया

HighLights

  1. शहर में पूरी तरह चरमराई बिजली व्यवस्था
  2. बांस-बल्ली के सहारे चल रही बिजली सप्लाई
  3. जर्जर खंभों पर तारों के गुच्छे, सड़क पर मीटर

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर में बिजली व्यवस्था सुधारने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन कई कॉलोनियों और बस्तियों में बिजली लाइन बांस-बल्ली के सहारे चल रही है। कहीं जर्जर खंभों पर तारों के गुच्छे लटक रहे हैं तो कहीं मीटर सड़क किनारे खुले में टंगे हैं।

कई इलाकों में तार इतने नीचे हैं कि राहगीरों के लिए करंट का खतरा बना हुआ है। आरडीएसएस जैसी योजनाओं में सब स्टेशन और बिजली लाइनों के सुधार पर राशि खर्च होने के बावजूद 50 से अधिक कॉलोनियों में समस्या कायम है। शहर में कई जगह ट्रांसफार्मर के नीचे व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।


भीड़ के कारण हादसों का खतरा

बिजली उपकरणों के आसपास भीड़ रहने से हादसे का खतरा बढ़ रहा है। कुछ स्थानों पर लाइन जमीन के बेहद करीब है। लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित है। गणेशोत्सव के दौरान पंडालों की बिजली व्यवस्था की जांच में कटे-फटे तार, खराब टेपिंग और कम ऊंचाई पर विद्युत लाइन जैसी अनियमितताएं मिली थीं।

कुछ जगह डेकोरेटर ने सुरक्षित वायर का उपयोग नहीं किया। बिजली कंपनी ने कार्रवाई की, लेकिन स्थायी नेटवर्क की निगरानी जरूरी है।

यह भी पढ़ें- स्वामित्व योजना पर मध्य प्रदेश सरकार सख्त, 50 से ज्यादा पटवारियों पर की गई कार्रवाई, एसडीएम ने जारी किए नोटिस

स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट के नीचे खुले तार

दमोह नाका, आइटीआई, सिविल लाइंस, मेडिकल रोड और सगड़ा में स्ट्रीट लाइट, सेंट्रल लाइटिंग और हाईमास्ट के खंभों के नीचे खुले तार मिलने की शिकायतें हैं। जानकारों के अनुसार, उचित इंसुलेशन, सुरक्षित बॉक्स, लॉकिंग और अर्थिंग जरूरी है। कॉलोनियों तक सुरक्षित पोल और व्यवस्थित लाइन नहीं पहुंचने पर निगरानी और प्राथमिकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

घमापुर मार्ग पर खुले में लगे फ्यूज इसी तरह आंबेडकर चौक-घमापुर मार्ग पर ब्यौहारबाग के पास सड़क किनारे खतरनाक रूप से ट्रांसफार्मर के नीचे खुले फ्यूज लगे हुए हैं। आने वाले त्योहार में भीड़-भाड़ के दौरान किसी बच्चे की पहुंच पर हैं। जबकि यहां नशेड़ी भी घूमते हैं जो कि सीधे खुले फ्जूज से जाकर टकरा सकते हैं। यहां कई चाट-फुल्की के ठेले टपरे भी लगते हैं जहां लोगों की पहुंच खतरनाक हो सकती है।

यह भी पढ़ें- जबलपुर-इटारसी रेलखंड की रफ्तार बढ़ाने वाली तीसरी लाइन अटकी, मध्य प्रदेश से लेकर यूपी और दक्षिण भारत तक सुधरेगी ट्रेनों की आवाजाही

सड़ किनारे लटके मीटर

बिजली केबिल काफी नीचे पाटन रोड करमेता में ग्रेंड आइटीआई के पीछे रहवासी क्षेत्र इसका उदाहरण है। यहां स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से टीसी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के मीटर सड़क किनारे लटक रहे हैं। बिजली केबल भी काफी नीचे है।

करमेता के अलावा मेडिकल के आगे शास्त्री नगर, महाराजपुर बायपास और कछपुरा के गणेश नगर में भी लाइन बांस-बल्ली के सहारे है। रहवासियों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था लंबे समय से चल रही है, लेकिन स्थायी पोल लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।

फुहारा, अंधेरदेव और लार्डगंज के बाजारों में बिजली पोल पर तारों का जाल बना हुआ है। खराबी आने पर संबंधित लाइन तलाशना चुनौती बन जाता है। इन क्षेत्रों में शार्ट सर्किट की घटनाएं भी हो चुकी हैं। कुछ बस्तियों में अवैध कनेक्शन की शिकायतें हैं।

यह भी पढ़ें- पहले बिहार के बोधगया से बौद्ध मठों में पैठ बनाई, फिर फर्जी आधार कार्ड पर बनवा डाले बांग्लादेशी पासपोर्ट