मध्य प्रदेश में अक्टूबर में बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड, 17785 मेगावाट तक पहुंचा आंकड़ा
एक से 26 अक्टूबर के बीच लोड रिलीफ का स्तर तीन से चार हजार मेगावाट से अधिक रहा।
Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 06:10:59 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 06:18:27 PM (IST)
फोटो-एआई जनरेटेडHighLights
- प्रदेश में बढ़ी बिजली की मांग
- 17785 मेगावाट तक पहुंची
- अक्टूबर में बढ़ा लोड रिलीफ
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। अक्टूबर में बिजली की बढ़ती मांग के बीच प्रदेश में आपूर्ति प्रबंधन पर दबाव बना रहा। बिजली विभाग की समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार एक से 26 अक्टूबर के बीच कई दिनों में लोड रिलीफ का स्तर तीन से चार हजार मेगावाट से अधिक रहा।
12 अक्टूबर को यह अधिकतम चार हजार 514 मेगावाट दर्ज किया गया। जबकि 10 अक्टूबर को चार हजार 48 मेगावाट लोड रिलीफ रहा। महीने के अंतिम सप्ताह में इसमें कमी आई और 26 अक्टूबर को अधिकतम लोड रिलीफ दो हजार 207 मेगावाट दर्ज किया गया।
बिजली की मांग 17785 मेगावाट दर्ज
आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अधिकतम पूरी की गई बिजली मांग एक अक्टूबर को 13 हजार 888 मेगावाट थी, जो 26 अक्टूबर को बढ़कर 17 हजार 328 मेगावाट पहुंच गई। वहीं, 14 अक्टूबर को अनरिस्ट्रिक्टेड डिमांड यानी बिना किसी कटौती के पूरी की जाने वाली मांग 17 हजार 785 मेगावाट दर्ज की गई।
इसके मुकाबले उस दिन अधिकतम पूरी की गई मांग 17 हजार 124 मेगावाट रही। लोड रिलीफ की स्थिति भी हर दिन एक जैसी नहीं रही। नौ अक्टूबर को तीन हजार 755 मेगावाट, 13 अक्टूबर को तीन हजार 667 मेगावाट और 14 अक्टूबर को तीन हजार 474 मेगावाट का अधिकतम लोड रिलीफ दर्ज किया गया।
इसके बाद 18, 20 और 25 अक्टूबर को लोड रिलीफ शून्य दर्ज हुआ। 26 अक्टूबर को चार समयखंडों में लोड रिलीफ दर्ज किया गया। इसी अवधि में बिजली संयंत्रों की बंद क्षमता भी कई दिनों में तीन से चार हजार मेगावाट के बीच रही।
नौ अक्टूबर को प्लांट आउटेज चार हजार 583 मेगावाट और 10 अक्टूबर को तीन हजार 866 मेगावाट दर्ज हुआ। हालांकि, प्लांट आउटेज और लोड रिलीफ अलग-अलग आंकड़े हैं। इन्हें सीधे बिजली कटौती के बराबर नहीं माना जा सकता। ये आंकड़े मांग, उपलब्ध आपूर्ति और बिजली उत्पादन की स्थिति के बीच दबाव को समझने का संकेत देते हैं।