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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति पर विवाद, एससी, एसटी और OBC वर्गों की अनदेखी का आरोप

ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ सुनवाई करेगी।

By Surendra DubeyEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 08:45:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 08:52:41 PM (IST)
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति पर विवाद, एससी, एसटी और OBC वर्गों की अनदेखी का आरोप
जबलपुर हाई कोर्ट, फाइल फोटो

HighLights

  1. हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति को चुनौती
  2. आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की मांग
  3. SC और OBC वर्गों की अनदेखी का आरोप

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट में सात अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की अनुशंसा को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर गुरुवार, पांच नवंबर को सुनवाई होगी। ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ सुनवाई करेगी।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा हाई कोर्ट में सात अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने के लिए केंद्र सरकार को भेजी गई अनुशंसा की संवैधानिकता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता संगठन का आरोप है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सामाजिक संतुलन और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व की अनदेखी की गई है।


आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की मांग

एसोसिएशन की जनहित याचिका में कहा गया है कि संगठन ने राष्ट्रपति, भारत के प्रधान न्यायाधीश व हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन देकर न्यायपालिका में वंचित वर्गों के पर्याप्त प्रतिनिधित्व की मांग उठाई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इन ज्ञापनों पर निर्णय किए बिना ही सात नामों की अनुशंसा कर दी गई।

याचिका में इस अनुशंसा को निरस्त करने और हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को नियुक्तियों पर पुनर्विचार करने के निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही न्यायपालिका में ओबीसी, एससी और एसटी वर्गों की आबादी के अनुपात में भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

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याचिकाकर्ता संगठन की ओर से अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह, परमानंद साहू, उदय कुमार, तीरथ प्रसाद जायसवाल, पुष्पेंद्र कुमार, अखिलेश कुमार प्रजापति, रमेश कुमार प्रजापति, त्रिलोकी नाथ सोनकर और काजल विश्वकर्मा पैरवी कर रहे हैं।

ये सात नाम हैं प्रस्तावित

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त करने के लिए डॉक्टर विवेक शरण, राजेश कुमार शुक्ला, कनक गहरवार उर्फ कनक लता सिंह, भक्ति व्यास, श्रेयस पंडित, मृणाल एलकर उर्फ मृणाल मजूमदार और अविनाश जरगर के नामों की अनुशंसा की है।

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