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नर्मदापुरम वन मंडल में 1242 पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर NGT सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर दिए कार्रवाई के निर्देश

नर्मदापुरम वन मंडल के छिपीखापा बीट में 1242 पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में NGT ने स्वतः संज्ञान लिया है। पीठ ने वन अधिकारियों की हीलाहवाली पर कड़ी न...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sun, 18 Jan 2026 12:31:56 AM (IST)Updated Date: Sun, 18 Jan 2026 12:35:07 AM (IST)
नर्मदापुरम वन मंडल में 1242 पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर NGT सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर दिए कार्रवाई के निर्देश
1242 पेड़ों की अवैध कटाई पर एनजीटी सख्त

HighLights

  1. नर्मदापुरम वन मंडल का मामला: संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
  2. नुकसान की भरपाई और अवैध लकड़ी बिक्री से अर्जित लाभ की वसूली रिपोर्ट तलब की
  3. स्थानीय वन अधिकारियों द्वारा जानकारी दबाए जाने के रवैये को लेकर की तल्ख टिप्पणी

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने नर्मदापुरम वन मंडल के अंतर्गत इटारसी जोन की छिपीखापा बीट में 1242 पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। एनजीटी के न्यायिक सदस्य जस्टिस एसके सिंह व विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की युगलपीठ ने वन अधिकारियों की हीलाहवाली पर कड़ी नाराजगी जताई।

एनजीटी ने अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा कि 1242 पेड़ों की बली चढ़ा दी गई और पुष्टि होने के बावजूद स्थानीय वन अधिकारियों द्वारा जानकारी दबाई गई। कोई उचित वन अपराध प्रकरण दर्ज नहीं किया गया, जो कर्तव्य में घोर लापरवाही को दर्शाता है। अधिकरण ने इसे पर्यावरण से संबंधित गंभीर मुद्दा मानते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय नगर निगम ग्रेटर मुंबई बनाम अंकिता सिन्हा (2022) के अनुसरण में स्वत: संज्ञान अधिकार का प्रयोग किया।


अधिकरण ने संबंधित वन मंडलाधिकारी एवं मुख्य वन संरक्षक को निर्देश दिए कि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। राज्य को हुए नुकसान की भरपाई और अवैध लकड़ी बिक्री से अर्जित लाभ की वसूली करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही इसकी जानकारी प्रस्तुत की जाए।

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एनजीटी ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वरिष्ठ वन अधिकारियों एवं नर्मदापुरम नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश भी दिए। मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल, 2026 को निर्धारित की गई है।

दरअसल, उक्त क्षेत्र में 1242 सागौन और 38 सटकटा पेड़ अवैध पेड़ काटे गए थे। इससे राज्य को 2.04 करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। यह तथ्य 14 सितंबर, 2025 की निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आया था।