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नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के जमानती वारंट के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉक्टर संजय गोयल कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। पूर्व आदेश का पालन नहीं होने पर न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ ने राज्य सरकार को दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर कोष एवं लेखा विभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षाकर और छिंदवाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
सेवानिवृत्त शिक्षिका की याचिका
मामला छिंदवाड़ा की सेवानिवृत्त सहायक शिक्षिका सुषमा गादरे की अवमानना याचिका से संबंधित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि हाई कोर्ट ने 23 सितंबर 2024 को आदेश पारित किया था, लेकिन इसके बावजूद उनसे वेतन की वसूली की जा रही है। इसे आदेश के विपरीत बताते हुए उन्होंने कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है।
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14 अक्टूबर को जारी हुए थे जमानती वारंट
इस प्रकरण में हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर को प्रमुख सचिव डा. संजय गोयल सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ पांच-पांच हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किए थे।
इसके बावजूद प्रमुख सचिव की अनुपस्थिति के बाद शासन की ओर से आदेश के पालन के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। कोर्ट ने दो सप्ताह की मोहलत देते हुए अनुपालन सुनिश्चित करने का अवसर दिया।याचिका कर्ता की ओर से अधिवक्ता गौतम प्रसाद पैरवी कर रहे हैं।