'सीवरेज वाले पानी से सब्जी उगाना बंद करें', MP High Court ने दिए सख्त निर्देश, दूषित पानी को बताया जहर
Jabalpur High Court के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष बुधवार को जबलपुर में नालों के गंदे पानी से सब्जी उगाने ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Jan 2026 10:14:26 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Jan 2026 10:14:26 PM (IST)
Jabalpur High Court NewsHighLights
- जबलपुर के नालों का पानी सिंचाई और पीने के लिए पूरी तरह अनुपयोगी
- सीवरेज को सीधे नालों में जाने से रोकें, सरकार को दिए सख्त निर्देश
- प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सुझावों पर सरकार को 2 फरवरी तक देनी होगी रिपोर्ट
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष बुधवार को जबलपुर (Jabalpur High Court News) में नालों के गंदे पानी से सब्जी उगाने के मामले में संज्ञान आधारित जनहित याचिका की सुनवाई हुई।
सभी नालों के पानी में भारी मात्रा में मिलता है सीवरेज
इस दौरान मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने नालों के पानी की जांच रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शहर के लगभग सभी नालों के पानी में भारी मात्रा में सीवरेज मिलता है, जिस कारण वे अत्यंत दूषित हैं। यह पानी पीने, निस्तार और सिंचाई के लिए पूर्णत: अनुपयोगी है।
सीवरेज और दूषित पानी से गंभीर बीमारियां होने की आशंका
रिपोर्ट में कहा गया कि यदि नालों का यह पानी वाटर पाइपलाइन में मिल गया तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होंगी। हाई कोर्ट ने रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए सरकार से कहा कि घरों से निकलने वाले सीवरेज को सीधे नालों में जाने से तत्काल रोकें और इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगाएं। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सुझावों पर तत्काल अमल करके रिपोर्ट पेश करें। मामले की अगली सुनवाई दो फरवरी को होगी।
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