इंदौर के 'जहरीले' पानी का असर जबलपुर तक, भवरकुंआ में रहने वाला छात्र ICU में भर्ती, लिवर में फैला संक्रमण
Indore Water Tragedy: इंदौर में दूषित पेयजल पीने से बीमार हुए मरीज अब दूसरे शहरों में भी सामने आ रहे हैं। इंदौर में भोलाराम मार्ग, भवरकुंआ क्षेत्र में ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 06 Jan 2026 10:16:53 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Jan 2026 10:16:53 PM (IST)
इंदौर के 'जहरीले' पानी का असर जबलपुर तक। (AI जेनेरेटेड)HighLights
- इंदौर जल त्रासदी की देशव्यापी आहट
- ट्रैकिंग पर गए छात्र की हालत हुई गंभीर
- डॉक्टरों ने की हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। इंदौर में दूषित पेयजल पीने से बीमार हुए मरीज अब दूसरे शहरों में भी सामने आ रहे हैं। इंदौर में भोलाराम मार्ग, भवरकुंआ क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर बीबीए की पढ़ाई करने वाले 18 वर्षीय आदित्य मिश्रा को जबलपुर के मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। एक जनवरी से वह आइसीयू में हैं। चिकित्सकों ने हेपेटाइटिस-ए संक्रमण की पुष्टि की है।
आदित्य ने बताया कि वह भवरकुंआ में सार्वजनिक नल का पानी पेयजल के रूप में उपयोग करते थे। नगर निगम द्वारा दूषित पानी की आपूर्ति की गई, जिसे पीने से उनकी जान संकट में पड़ गई। मूलतः सिवनी जिला निवासी आदित्य के पिता राजेश मिश्रा जीएसटी इंस्पेक्टर हैं।
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ट्रेन में बिगड़ी हालत
आदित्य ने बताया कि 20 दिसंबर को उसकी तबीयत खराब हुई। सामान्य समस्या मानकर उसने मेडिकल स्टोर से दवा ली, जिससे कुछ राहत मिली। 22 दिसंबर को वह ट्रैकिंग के लिए इंदौर से देहरादून के लिए ट्रेन से रवाना हुआ। कुछ देर बाद उसे उल्टियां होने लगीं। फिर तेज बुखार की चपेट में आ गया। देहरादून पहुंचने के बाद ट्रैकिंग किया, शाकरी में प्राथमिक उपचार लिया। दवा से आराम नहीं मिला। देहरादून से लौटकर दिल्ली पहुंचा, जहां निजी अस्पताल के डॉक्टर ने भर्ती होकर उपचार कराने की सलाह दी। वह ट्रेन से जबलपुर आया, तब तक हालत गंभीर हो चुकी थी।
आदित्य का उपचार कर रहे भेषज विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र राजपूत ने बताया कि, आदित्य जब अस्पताल पहुंचा था, रक्त में प्लेटलेट की मात्रा घटकर 17 हजार रह गई थी। लिवर में भी संक्रमण फैल चुका था। फिलहाल वह खतरे से बाहर है।