प्रोजेक्ट पंचगव्य का ही हिस्सा थे गोवा टूर और कार खरीदना, सवाल उठे तो वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति ने दी सफाई
Jabalpur News: वेटरनरी विश्वविद्यालय में प्रोजेक्ट पंचगव्य पर राशि के दुरुपयोग पर सवाल उठे तो कुलपति मनदीप शर्मा ने सफाई दी। रविवार को पत्रकार वार्ता ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 11 Jan 2026 11:38:17 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Jan 2026 11:38:17 PM (IST)
प्रोजेक्ट पंचगव्य को लेकर वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति ने दी सफाईHighLights
- सवाल उठे तो वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति ने दी सफाई
- बोले- प्रोजेक्ट पंचगव्य का ही हिस्सा थे गोवा टूर और कार खरीदना
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। वेटरनरी विश्वविद्यालय में प्रोजेक्ट पंचगव्य पर राशि के दुरुपयोग पर सवाल उठे तो कुलपति मनदीप शर्मा ने सफाई दी। रविवार को पत्रकार वार्ता आयोजित कर उन्होंने बताया कि गोवा टूर और कार खरीदना पंचगव्य प्रोजेक्ट का हिस्सा थे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट में गाय के गोबर और गोमूत्र पर शोध कर इससे उत्पाद तैयार किए जाने थे, जो किए गए। गोबर की लकड़ी से लेकर मच्छर टिकिया, कंडे, दीपक, फिनाइल बनाए गए। जो भी टूर किए गए और मशीनें खरीदी, वह सब प्रोजेक्ट की डीपीआर का हिस्सा थे। गोवा में हुई वीसी कान्फ्रेंस में हिस्सा लेना और तय मापदंड पर कार खरीदना भी इसमें शामिल था।
कुलपति ने दी सफाई
कुलपति ने कहा कि गाय के गोबर और गौ मूत्र से कैंसर का इलाज, शोध का हिस्सा ही नहीं था। 2018 में तय मापदंडों को पूरा करने के बाद यह प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया है। इसे लेकर जो भी भ्रम फैलाए जा रहे हैं, वे गलत हैं। विवि में जो भी शोध हो रहे हैं, उनमें पूरी ईमानदारी बरती जाती है। जांच समिति को दिए हर दस्तावेज शर्मा ने बताया कि शोध के लिए जो मशीन खरीदी गईं, वह डीपीआर के तय मापदंड के आधार पर ली गईं।
जांच एजेंसी से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्तर पर बनी समिति ने जब भी जो दस्तावेज मांगे, हमने उपलब्ध कराए। मैंने खुद अपनी टीम को निर्देशित किया था। जांच समिति की रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा, उस पर हम कार्रवाई करेंगे।