
रामकृष्ण परमहंस पांडेय, नईदुनिया, जबलपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच जबलपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में 10 ऐसे डेरों का पता चला है, जहां ठहरे लोग स्वयं को बंजारा मुस्लिम बता रहे हैं। इनके पास न स्थायी घर है और न जमीन लेकिन हैरान करने वाली बात है कि इन्होंने आधार, पैन कार्ड, मतदाता कार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसे पहचान संबंधी दस्तावेज बनवा लिए हैं। पुलिस का खुफिया तंत्र सक्रिय हुआ तो जिले में 10 डेरों की जानकारी सामने आई। ये बंजारे रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताए जा रहे हैं।
इनमें से अधिकतर लोग शहर में फुटपाथ से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई तरह की सामग्री बेचते नजर आते हैं। खुफिया टीम कुछ डेरों में पहुंची तो संदिग्ध लोगों के पास जबलपुर के पड़ोसी जिलों की वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी मिली। गोपनीय रूप से सर्वे करने वाली टीम को शक है कि संदिग्ध लोग मतदाता सूची में दर्ज उम्रदराज व मृत लोगों को सगा-संबंधी बताकर नई मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का प्रयास कर सकते हैं।
टीम को सर्वे में संदिग्ध लोगों की बोली और शारीरिक बनावट में स्थानीय लोगों के मुकाबले भिन्नता मिली। कई संदिग्धों के फोन में नंबर नाम से नहीं बल्कि अंक जैसे 77, 102, 999 के रूप में सेव हैं।खास बात यह है कि सभी के पहचान संबंधी दस्तावेज निर्धारित अवधि के अंदर बने हैं। पूछताछ की जाती है तो ये अपना ठिकाना भी बदल लेते हैं।
टीम को पता चला है कि स्थानीय समुदाय विशेष के एजेंट सक्रिय हैं, जो संदिग्धों को दस्तावेज बनवाने में सहयोग कर रहे हैं। खुफिया टीम ने अब तक 10 डेरों पर किया सर्वे। यहां करीब 1700 संदिग्ध लोग रह रहे हैं। गोसलपुर, खमरिया, हनुमान ताल, बरेला, गोराबाजर, भेड़ाघाट, खजरी खिरिया बायपास, मझौली, कुंडम जैसे क्षेत्रों में इनके डेरे हैं।
नईदुनिया की टीम हनुमानताल क्षेत्र में पहुंची। फकीरचंद अखाड़ा के पास निवासरत कुछ संदिग्धों से चर्चा हुई। हमने सवाल किया, आप कहां के निवासी हैं। आपके साथ और कितने लोग हैं। इनके उत्तर की जगह संदिग्ध लोगों ने चुप्पी साध ली। तब तक संदिग्धों का लीडर पहुंचा। हमने कहा कि एसआईआर के काम से आए हैं। लीडर ने कुछ कहा जरूर लेकिन भाषा स्पष्ट नहीं हुई। सर्वे की बात पर उसने पहचान संबंधी कुछ दस्तावेज दिखा दिए।
जिले में कई स्थानों पर संदिग्ध लोगों के ठहरने का पता चला है। प्रशासन के साथ संयुक्त टीम का गठन कर कार्रवाई की जाएगी। - संपत उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक, जबलपुर