
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। मझौली थाना क्षेत्र में यूपीआई के जरिए खाताधारक के खाते से एक लाख 48 हजार 900 रुपये दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। वहीं, संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में विदेश में रहने वाले डॉक्टर के नाम से पहचान बताकर एक युवक से 1.37 लाख रुपये ठग लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है।
मझौली थाना क्षेत्र के ग्राम लडोई निवासी गुड्डा लाल काछी (47) के खाते में चार लाख रुपये जमा थे। उन्होंने खर्च के लिए 50 हजार रुपये निकाले और शेष राशि में से दो लाख रुपये की एफडी करा दी। इसके बाद खाते में करीब डेढ़ लाख रुपये बचे थे। कुछ दिन पहले जरूरत पड़ने पर गुड्डा लाल बैंक पहुंचे और रुपये निकालने का प्रयास किया, लेकिन खाते में पर्याप्त रकम नहीं मिली।
बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि दो से छह जनवरी के बीच उनके खाते से एक लाख 48 हजार 900 रुपये ऑनलाइन दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। गुड्डा लाल के अनुसार, उन्होंने इस अवधि में कोई ऑनलाइन लेनदेन नहीं किया था। मझौली पुलिस ने मंगलवार को एफआईआर दर्ज कर अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
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संजीवनी नगर थाना क्षेत्र की सांई कॉलोनी निवासी गगन केसरवानी भी साइबर ठगी का शिकार हुए। गगन का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की धनवंतरि नगर शाखा में खाता है। पिछले माह सोशल मीडिया पर उनकी पहचान शोरेन मोर्गन नामक व्यक्ति से हुई। उसने खुद को विदेश में रहने वाला डॉक्टर बताया और भारत आने की इच्छा जताई। यात्रा और ठहरने की व्यवस्था को लेकर दोनों के बीच बातचीत होने लगी।
इसी दौरान शोरेन ने गगन को झांसे में लेकर 13 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से उनके खाते से 1.37 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। ठगी का पता चलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। संजीवनी नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने अपील की है कि अनजान व्यक्तियों की बातों में आकर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और किसी के कहने पर ऑनलाइन लेनदेन करने से पहले पूरी जांच कर लें।
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