
नईदुनिया न्यूज, सिद्धवरकूट/ओंकारेश्वर। मकर संक्रांति और एकादशी एक ही दिन होने से इसका विशेष महत्व है। इस दिन धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर में स्नान के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। आज के दिन नर्मदा स्नान और दर्शन से कई गुना फल की प्राप्त होने की मान्यता है। पंडित पवन शर्मा (छोटी अली) ने बताया कि इस वर्ष देश-प्रदेश उन्नति की ओर रहेगा तथा धन का उत्पादन अत्यधिक होगा। यह ऊर्जा का प्रतीक भी होगा।
पंडित अंतिम जोशी ने बताया कि योग-संयोग और महासंयोग से इस वर्ष मकर संक्रांति और षट्तिला एकादशी का अति विशेष महत्व तिल से है। 14 जनवरी एकादशी व्रत स्मार्त्त, वैष्णव निम्बार्कादि सभी के लिए है। इसी दिन दोपहर 3.07 बजे सूर्य भगवान का प्रवेश अपने पुत्र शनि की राशि मकर में होगा। मकर संक्रांति के दिन से ही सूर्य भगवान उत्तरायण हो जाते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। क्योंकि सूर्य भगवान तो हर वर्ष 21 दिसंबर को ही उत्तरायण होते हैं और 21 जून को दक्षिणायन, जो छह-छह महीने के होते हैं जिन्हें क्रमशः देवताओं का दिन और रात कहा जाता है।
मकर संक्रांति के पर्व को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष व्यवस्थाओं के इंतजाम किए गए हैं। थाना प्रभारी एके सिंधिया ने बताया कि पर्व के दौरान 220 जवानों का बल यहां तैनात है। नगर परिषद सीएमओ मोनिका बोपचे ने बताया कि मकर संक्रांति को लेकर विशेष घाटों की सफाई मूलभूत सुविधाओं के इंतजाम किए जा रहे हैं।
देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग तीर्थ नगरी का प्रमुख प्रवेश मार्ग कोठी ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित तिराहा से होकर गुजरता है। इसी तिराहा पर सनावद-खंडवा तथा बड़वाह-इंदौर की ओर यातायात का भार होता है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु, पर्यटक एवं स्थानीय नागरिक इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि इस क्षेत्र में किराए के होटल एवं अन्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाला मल-मूत्र युक्त गंदा पानी सीधे सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर कीचड़, दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
गुजरते वाहनों से गंदे पानी के छींटे राहगीरों एवं यात्रियों पर पड़ते हैं, जिससे दुर्घटना एवं बीमारी की आशंका बढ़ गई है। विशेष रूप से मां नर्मदा की परिक्रमा के लिए पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को मजबूरी में इसी दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जो धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत चिंताजनक है। स्थानीय नागरिकों द्वारा कई बार शासन-प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया गया तथा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार फोरलेन सड़क परियोजना के अंतर्गत दोनों ओर पक्की नालियों का निर्माण प्रस्तावित है, किंतु कोठी ग्राम क्षेत्र में आज तक नालों का कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। यह स्थिति खंडवा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो यह भविष्य में बड़े जनस्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
कलेक्टर ने जताई थी नाराजगी ओंकारेश्वर में पिछले सप्ताह तहसील ऑफिस में ली गई बैठक में कलेक्टर ने बीच सड़क पर नाली का बहते पानी के संबंध में नाराजी भी व्यक्त की थी, किंतु कार्रवाई शून्य है। ग्राम पंचायत के सचिव अजय मंडलोई द्वारा बताया गया कि पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा पेयजल लाइन का पैसा जैसे हमारे खाते में डाला जाएगा, हम पेयजल लाइन स्थानांतरित कर देंगे और नाला निर्माण का कार्य प्रारंभ हो सकता है।