
नईदुनिया न्यूज, मुरैना-पोरसा। इंदौर की घटना के बाद पेयजल सप्लाई को लेकर प्रशासन चेत गया है। कलेक्टर ने सभी इलाकों में शुद्ध पेयजल सप्लाई करने के आदेश जारी किए है। जिसके चलते सोमवार को एमपी अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीयूडीसी) एवं नगर निगम की संयुक्त टीम ने वार्डों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जहां पाइपों के लीकेज को भी ठीक किया गया। दूसरी तरफ पोरसा के वार्ड पांच में लंबे समय से हो रही दूषित पानी की समस्या से अब निजात मिल जाएगी। जो नवीन बोर खनन कराया गया है, उससे पानी की सप्लाई चालू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड ने पिछले दिनों खुद वार्डों में भ्रमण कर लोगों से दूषित पानी की समस्या के बारे में पूछा था, इसके अलावा कलेक्टर के पास अन्य समस्याएं भी पहुंची थी। जिस पर उन्होंने नगर निगम व संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि जो भी समस्याएं जिन इलाकों से सामने आईं है उनका निराकरण किया जाएगा। जिस पर सोमवार को एमपीयूडीसी व नगर निगम की टीम ने वार्डों में निरीक्षण के दौरान जल आपूर्ति व्यवस्था की जांच की तथा पानी के नमूनों का परीक्षण भी किया गया। विभिन्न वार्डों में पाई गई समस्याओं पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। इस दौरान वार्ड 45 न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी में पाइपलाइन लीकेज की शिकायत पर मरम्मत कराई गई।
वार्ड 19 में सीवर चैंबर के पास से गुजर रही पानी की पाइपलाइन को शिफ्ट किया गया। वार्ड 36 संजय कालोनी में सीवर चैंबर के समीप पाइपलाइन शिफ्टिंग की कार्रवाई गई। मुरैना प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भविष्य में भी ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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पोरसा कस्बे के वार्ड पांच दीनदयाल स्कूल वाली गली व बर्फ फैक्ट्री वाली गली सहित कई गलियों में गंदा पानी आ रहा था। जिसकी शिकायत नगर पालिका अध्यक्ष एवं नगर पालिका सीएमओ से की गई। उन्होंने मौके मुआयना किया तथा सब्जी मंडी में गत महीनों पूर्व फेल हुए ट्यूबवेल खनन के बगल में नया ट्यूबवेल खनन करने का निर्णय लिया। जिसके खनन के लिए मशीन पुलिस थाना परिसर में लगाई गई थी।
अब इस नए बोर से पाइप लाइन को जोड़ दिया गया है। जिसके चलते सोमवार देर रात से शुद्ध पानी मिलाने लगा है। स्थानीय रहवासी विनोद कुमार शर्मा, राधाकृष्ण गुप्ता, कौशल किशोर गुप्ता, अवधेश शर्मा, हरीबाबू गुप्ता सहित अन्य लोगों ने इसे राहत की बात बताया, क्यों कि पिछले तीन महीने से लोग बेहद दूषित पानी पीने को मजबूर थे।