
नईदुनिया प्रतिनिधि,सबलगढ़। सबलगढ़ के बेनीपुरा निवासी अंकेश माहौर की संदिग्ध मौत के मामले में शनिवार को सबलगढ़ में हंगामा हो गया। शुक्रवार को अंकेश की मौत को हत्या बताते हुए और सबलगढ़ पुलिस पर मामले को दबाने के आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने पुलिस थाने के घेराव प्रदर्शन का ऐलान कर दिया था। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने कांग्रेस के नेताओं को उठाया
चार थानों की पुलिस ने आधी रात को युवक कांग्रेस के तीन नेताओं को उनके घरों से उठाया। शनिवार की सुबह युवक कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष को भी पुलिस जबरन घर से उठाकर मुरैना ले आई। कांग्रेस नेताओं के पकड़े जाने के बाद मामला इतना तूल पकड़ गया कि मृतक अंकेश माहौर के स्वजन, परिचित और अन्य सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए।
भीड़ ने थाने में हंगामा किया और कई घंटे तक धरना प्रदर्शन जैसी स्थिति बनी रही। पुलिस को हालात बिगड़ने की आशंका थी, इसलिए चार थानों की पुलिस को सबलगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया। राममंदिर चौराहा, बेनीपुरा, अदालत चौराहा, थाने के बाहर और तहसील क्षेत्र में देर शाम तक पुलिस बल मौजूद रहा।
गौरतलब है कि 6 दिसंबर की सुबह बेनीपुरा में रहने वाले 21 वर्षीय अंकेश पुत्र राकेश माहौर का अधजला शव श्मशान के पास मिला था। शव के पास दो खाली बोतलें और एक लाइटर मिला था। खाली बोतलों से पेट्रोल की गंध आ रही थी। मृतक के स्वजन इसे हत्या बता रहे हैं, जबकि पुलिस इसे पहले दिन से खुदकुशी मान रही है। न तो पुलिस खुदकुशी के कारणों को स्पष्ट कर पाई है और न ही हत्या का मामला स्पष्ट हुआ है।
इसी घटना के विरोध में युवक कांग्रेस के सबलगढ़ विधानसभा अध्यक्ष अभिषेक पचौरी, कांग्रेस नेता और पार्षद सतेंद्र टैगोर, शिवा शर्मा और अन्य ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। विरोध प्रदर्शन में सबलगढ़ थाने का घेराव और पीड़ित परिवार के साथ रैली शामिल थी। बताया गया कि इंटरनेट मीडिया पर किसी ने एसपी और गृहमंत्री का पुतला जलाने को लेकर पोस्ट भी की थी।
पुलिस टीमों को कांग्रेस नेताओं को पकड़ने के लिए लगाया गया
इसके बाद सबलगढ़, कैलारस, रामपुर और टेंटरा थानों की पुलिस टीमों को कांग्रेस नेताओं को पकड़ने के लिए लगाया गया। पुलिस टीमों ने रात में ही वार्ड 13 से पार्षद सतेंद्र टैगोर, मीठा कुआं के पास रहने वाले शिवा शर्मा और एक अन्य को पकड़ा। युवक कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष अभिषेक पचौरी को रात में नहीं पकड़ा जा सका, लेकिन शनिवार सुबह उन्हें घर से उठाकर मुरैना ले जाया गया।
मुरैना में क्राइम ब्रांच कार्यालय में एसपी समीर सौरभ के सामने अभिषेक पचौरी सहित अन्य को पेश किया गया। इसके बाद सभी पर शांति भंग करने का प्रकरण बनाकर वापस सबलगढ़ भेजा गया। पुलिस टीमों ने सेमई-सबलगढ़ के बीच पीपरवाली चौकी पर दो घंटे तक रोके रखा और फिर सेमई तिराहा पर बैठा लिया। शाम को युवक कांग्रेस नेताओं को सबलगढ़ पहुंचाया गया।
अंकेश जिस नंबर पर बात करता था, वह महाराष्ट्र का
6 दिसंबर को श्मशान के पास जहां अंकेश माहौर का अधजला शव मिला था, वहां पेट्रोल की दो खाली बोतलें भी मिली थीं। सबलगढ़ टीआइ के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। जांच के दौरान अंकेश की मोबाइल पर किसी लड़की से बात होने की जानकारी मिली है।
अंकेश की मौत से कुछ घंटे पहले भी इसी नंबर पर मैसेज किए गए थे, जिनमें लिखा गया है कि बात करो नहीं तो मैं मर जाऊंगा, कल तुम्हें मिलूंगा ही नहीं, मैं मरकर दिखाऊंगा। अंकेश को ऑनलाइन गेम खेलने की लत थी। ऑनलाइन गेमिंग के दौरान भी उसने किसी लड़की से प्रेम करने और उसके लिए मरने की बात लिखी थी।
पुलिस के अनुसार ये सभी मैसेज अंकेश के स्वजन ने ही उपलब्ध कराए हैं। जिस नंबर पर अंकेश बात करता था, वह महाराष्ट्र के अमरावती का है। पुलिस को संदेह है कि यह किसी लड़की का नंबर है या नहीं। सवा महीने बाद भी पुलिस उस लड़की तक नहीं पहुंच पाई है।
पुलिस का क्या कहना है
राजकुमारी परमार, टीआइ, सबलगढ़ ने कहा कि अंकेश के मैसेज उसके स्वजनों ने उपलब्ध कराए हैं। पीएम रिपोर्ट में हत्या जैसे कोई लक्षण नहीं आए। जिस नंबर पर अंकेश बात करता था वह महाराष्ट्र का है। मोबाइल धारक की तलाश में टीम अमरावती में है। कांग्रेस नेताओं ने बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन और थाना घेरने की बात फैलाई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।