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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dr. SN Subba Rao: गांधीवादी विचारक डा. एसएन सुब्बाराव का निधन, चंबल को कराया था डकैतों से मुक्त

Dr. SN Subba Rao चंबल की धरती को डकैतों के आतंक से मुक्ति दिलाने वाले डा एसएन सुब्बा राव का निधन।

By vikash.pandeyEdited By: vikash.pandey
Publish Date: Wed, 27 Oct 2021 08:45:36 AM (IST)Updated Date: Wed, 27 Oct 2021 01:02:43 PM (IST)
Dr. SN Subba Rao: गांधीवादी विचारक डा. एसएन सुब्बाराव का निधन, चंबल को कराया था डकैतों से मुक्त

Dr. SN Subba Rao: हरिओम गाैड़, मुरैना नईदुनिया। प्रख्यात गांधीवादी नेता और चंबल की धरती को डकैतों के आतंक से मुक्ति दिलाने वाले डा एसएन सुब्बा राव का निधन हो गया है। श्री राव ने बुधवार काे तड़के 4:00 बजे जयपुर के अस्पताल में अंतिम सांस ली है। शाम 4 बजे उनकी पार्थिव देह मुरैना पहुंचेगी, जहां अंतिम दर्शनों के लिए उनकी पार्थिव देह को रखा जाएगा। उसके बाद जौरा स्थित गांधी सेवा आश्रम में ले जाया जाएगा, जहां गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि डा एसएन सुब्बा राव चंबल में आतंक का पर्याय बन चुके डाकुओं का सामूहिक सरेंडर करवाने के बाद चर्चाओं में आए थे।

डा एसएन सुब्बा राव का पूरा जीवन समाजसेवा काे समर्पित रहा है। डा सुब्बा राव ने 14 अप्रैल 1972 काे गांधी सेवा आश्रम जाैरा में 654 डकैताें का समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण एवं उनकी पत्नी प्रभादेवी के सामने सामूहित आत्मसमर्पण कराया था। इनमें से 450 डकैताें ने जाैरा के आश्रम में, जबकि 100 डकैताें ने राजस्थान के धाैलपुर में गांधीजी की तस्वीर के सामने हथियार डालकर समर्पण किया था।


ग्वालियर चंबल संभाल में डा सुब्बा राव साथियाें के बीच भाईजी के नाम से प्रसिद्ध थे। डा सुब्बा राव ने जाैरा में गांधी सेवा आश्रम की नींव रखी थी, जो अब श्योपुर तक गरीब व जरूरतमंदों से लेकर कुपोषित बच्चों के लिए काम कर रहा है। डा सुब्बा राव ने श्याेपुर के त्रिवेणी संगम घाट पर गांधी जी की तेरहवी का आयाेजन शुरू करवाया था। आदिवासियाें काे मूल विकास की धारा में लाने के लिए वह अपनी टीम के साथ लगातार काम करते रहे हैं।