
नईदुनिया न्यूज, मुरैना। मुरैना जेल के जेलर को मारने की धमकी देकर चर्चाओं में आए 15 हजार रुपये के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर के बारे में सूचना मिलने पर 10 थानों की चार टीमें जंगल में कूद गई। जौरा के पगारा के जंगल अैर कारेदेव की पहाड़ी क्षेत्र में दिन पर छानबीन चली, पर डकैत कल्ली का कहीं सुराग नहीं लगा।
दरअसल, सोमवार की दोपहर एक चरवाहा जौरा थाने में शिकायत लेकर गया, कि जंगल में घुंघराले वाले डकैत से दिखने वाले बदमाश ने उसकी मारपीट की है। उसके पास बंदूक भी थी।
हौलिए से पुलिस को डकैत कल्ली गुर्जर के होने का संदेह इसलिए पुख्ता हुआ, क्योंकि मुखबिरों ने भी कल्ली की लोकेशन जौरा क्षेत्र में पगारा डैम के जंगल व उसके आसपास बता दी।
पहाड़ी क्षेत्र में दिनभर की सर्चिंग
एसपी धर्मराज मीणा ने जौरा, सुमावली, बागचीनी, बानमोर, नूराबाद, कैलारस सहित करीब 10 थानों की पुलिस जंगल में कूद गई। पहाड़ी क्षेत्र की सर्चिंग के लिए पुलिस टीमों ने ड्रोन उड़ाकर चप्पे-चप्पे की निगरानी की, लेकिन पहाड़ी पर कोई संदिग्ध नहीं दिखा।
कल्ली का नहीं मिला कोई सुराग
इसके बाद देर शाम तक जंगल में सर्चिंग चली। पुलिस को संदेह हुआ, डकैत ग्वालियर के जंगल की ओर तो नहीं भाग गया, इसीलिए ग्वालियर पुलिस को सूचना देकर, ग्वालियर की ओर से भी घेराबंदी करवाई, लेकिन डकैत कल्ली का कोई सुराग नहीं लगा।
15 से ज्यादा संगीन अपराध दर्ज
गौरतलब है कि, डकैत कल्ली पर मुरैना व ग्वालियर के थानों में 15 हजार का इनाम घोषित है, उस पर हत्या, हत्या के प्रयास जैसे मामलों के 15 से अधिक संगीन अपराध दर्ज है। बीते सप्ताह मुरैना जिला जेल के जेलर को फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी, जिसकी एफआईआर भी दर्ज हुई है।
कारे देव की पहाड़ी क्षेत्र में एक लड़के की मारपीट के बाद उसकी शिकायत थी कि घुंघराले बाल वाले ने उसे पीटा है। एफआईआर के बाद पुलिस की चार टीम पगारा क्षेत्र में ड्रान के साथ सर्चिंग के लिए भेजी गईं।
ग्वालियर पुलिस को भी सूचना दी गई कि वह भी अपने तरफ से सर्चिंग कराएं। गांव वालों का कहना है कि उन्होंने फरार कल्ली गुर्जर को अपने क्षेत्र में देखा तो नहीं है। धर्मराज मीणा, एसपी मुरैना।
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