
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों और बीमारियों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब ट्रेनों में भी यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ के गंभीर मामले सामने आने लगे हैं। जबलपुर से नई दिल्ली जा रही श्रीधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस में अवैध वेंडरों द्वारा यात्रियों को बीस-बीस रुपए में फंगसयुक्त और गंदा पानी बेचने की शिकायत मिली है। इस घटना का एक जागरूक यात्री ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और रेलवे प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि शनिवार की देर शाम जब श्रीधाम एक्सप्रेस करेली रेलवे स्टेशन पर रुकी, तब कुछ अवैध वेंडर पानी की बोतलें बेचने के लिए कोच में चढ़े। ट्रेन में यात्रा कर रहे एक युवक ने जब मंगलम ब्रांड की पानी की बोतल खरीदी और उसे गौर से देखा, तो उसके अंदर फंगस तैरते हुए दिखाई दिए। यात्री के विरोध करने से पहले ही वेंडर ट्रेन से उतरकर रफूचक्कर हो गए। इसके बाद यात्री ने मोबाइल से बोतल के भीतर मौजूद गंदगी का वीडियो बनाया और रेलवे प्रशासन को टैग करते हुए इसे सार्वजनिक कर दिया।
रेलवे के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद कि प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में केवल रेल नीर ब्रांड का पानी ही बेचा जाए, गोटेगांव से गाडरवारा तक के स्टेशनों पर अनाधिकृत लोकल ब्रांडों का पानी धड़ल्ले से बिक रहा है। सूत्रों की मानें तो नरसिंहपुर और करेली स्टेशनों पर अवैध वेंडर सबसे अधिक सक्रिय हैं, जो पुरानी इस्तेमाल की हुई बोतलों में नलों का दूषित पानी भरकर और ढक्कन को टेप से चिपकाकर बेच रहे हैं। चूंकि इन स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव मात्र दो मिनट का होता है, इसलिए यात्री जल्दबाजी में पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं कर पाते और बाद में ठगे रह जाते हैं।
इस मामले पर जबलपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम व पीआरओ डॉ. मधुर वर्मा का कहना है कि रेलवे अवैध वेंडरों के खिलाफ लगातार मुहिम चला रहा है। करेली की यह घटना उनके संज्ञान में आई है और इस पर गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों ने मांग की है कि रात के समय ट्रेनों में सक्रिय इन अवैध वेंडरों पर लगाम लगाने के लिए स्टेशन परिसर और कोचों में सुरक्षा बढ़ाई जाए।