नीमच में GBS का कहर... दो बच्चों की मौत के बाद नगर में दहशत, 9 और संदिग्ध मिले, भोपाल से बुलाई गई टीम
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर सर्वे कर संदिग्धों की जानकारी जुटा रही हैं, लेकिन बीमारी की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शा ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Jan 2026 10:24:02 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Jan 2026 10:24:02 PM (IST)
नीमच में GBS का कहरHighLights
- मनासा में GBS के 11 केस मिले, 2 बच्चों की मौत से दहशत
- भोपाल और नीमच से पहुंची टीमें, घर-घर जाकर हो रहा सर्वे
- 9 मरीजों का इलाज जारी, कलेक्टर बोले- रिकवर हो रहे हैं बच्चे
नईदुनिया प्रतिनिधि, नीमच। जिले के मनासा कस्बे में दो बच्चों की मौत के बाद जीबीएस (गिलियन बार्रे सिंड्रोम) से दहशत है। नगर में नौ और संदिग्ध मिले हैं, जिनका मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अधिकारियों की मानें तो अधिकांश की सेहत में सुधार है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर सर्वे कर संदिग्धों की जानकारी जुटा रही हैं, लेकिन बीमारी की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शासकीय मेडिकल कालेज नीमच के पांच डॉक्टरों की टीम मनासा भेजी है। भोपाल से भी स्वास्थ्य विभाग की एक टीम बुलाई गई है।
11 मामले आए सामने, नगर परिषद अलर्ट
नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. सीमा तिवारी के अनुसार, मनासा में अब तक जीबीएस के 11 मामले सामने आ चुके हैं, दो की मौत हो चुकी है, नौ का इलाज जारी है। इनमें से आठ लगभग रिकवर हो चुके हैं। नगर प्रशासन अलर्ट है। सभी वार्डों में सफाई, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रभारी सीएमओ रविश कादरी ने कहा कि सभी वार्डों से पानी के सैंपल लेकर जांच कराई है, पानी की शुद्धता बेहतर है।
क्या है जीबीएस? लक्षणों और उपचार को लेकर चिकित्सकों की राय
चिकित्सकीय भाषा में जीबीएस को गिलियन बार्रे सिंड्रोम कहते हैं, जिसकी शुरुआत पैरों से होती है। पैरों में दर्द और अकड़न होती है। मांसपेशियों से होते हुए संक्रमण नसों तक फैलता है। यह एक तरह की ऑटो इम्यून बीमारी है। लोग इसे लकवा की तरह समझते हैं लेकिन संक्रमण अधिक फैल जाने से मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है। जीबीएस का इलाज आईवीआईजी (IVIG) इंजेक्शन से होता है।
जीबीएस संदिग्धों के इलाज के बेहतर प्रबंध जिला प्रशासन द्वारा किए गए हैं। सात संदिग्धों में से दो पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं। दो आईसीयू में हैं और बाकी तीन भी रिकवर कर रहे हैं। उम्मीद है स्थिति जल्द सामान्य होगी। - हिमांशु चंद्रा, कलेक्टर नीमच