
नईदुनिया प्रतिनिधि, कालूखेड़ा/रतलाम: ग्राम चिकलाना में गुरुवार-शुक्रवार रात करीब एक बजे दबिश देकर एमडी ड्रग बनाने की फैक्ट्री पकड़ने की कार्रवाई शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे तक चली। इलाके के बाहुबली दिलावर खान पठान उर्फ मामा और उसके दामाद राजस्थान जिला प्रतापगढ़ के देवलदी निवासी याकूब खान के साथ पकड़े गए 16 आरोपितों में से दो कर्मचारियों को छोड़कर बाकी सब आपस में रिश्तेदार हैं।
दिलावर का क्षेत्र में इतना आतंक था कि जब और अन्य आरोपितों को गिरफ्तार करके ले जाया जा रहा था तो खुशी में ग्रामीणों ने जयकारे लगाए।नयाकूब राजस्थान के देवलजी में पकड़ाई एमडी ड्रग फैक्ट्री के मामले में फरार था।

सीसीटीवी होने से पुलिस के आने की भनक आरोपितों को लग चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने सीढी लगाई और दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया। अंदर घुसते ही आरोपितों ने पुलिस पर हमला कर दिया। एक जवान ने गेट खोला, इसके बाद अन्य पुलिसकर्मी भी अंदर घूसे। सभी आरोपितों ने पुलिस को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सभी को हिरासत में ले लिया गया।
दिलावर के घर के पीछे से निकल रहा रास्ता भाटखेड़ा, रानीगांव ठिकरिया होते हुए राजस्थान में ड्रग के गढ़ कोटड़ी, देवलदी तक जाता है। करीब 20 किलोमीटर के सफर को तय करने में 15 मिनट लगते है। 2005 में तत्कालीन एसडीओपी विपुल पांडे से विवाद होने के बाद दिलावर देवलदी में ही भागा था। शनिवार को सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। स्थानीय कालूखेड़ा पुलिस को पूरी कार्रवाई से दूर रखा गया था।
कार्रवाई से स्थानीय कालूखेड़ा थाना पुलिस को दूर रखा गया। पूरी निगरानी एसपी अमित कुमार द्वारा की जा रही थी। जांच में यह सामने आया है कि यहां तैयार एमडी ड्रग की बड़े स्तर पर सप्लाई की जा रही थी। इसी सप्लाई चैन से इसका खुलासा हुआ। मौके से जब्त दो मोर, चंदन व तितर को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है।
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आरोपितों में चिकलाना का 65 वर्षीय दिलावर पुत्र फिरदोज खान, दो पत्नियां 55 वर्षीय फरीदा और 25 वर्षीय शायना, बेटे 24 वर्षीय अजहर व 20 वर्षीय अयाज, अजहर की पत्नी 20 वर्षीय फिजा, दिलावर की बहन 70 वर्षीय मुमताज बी पत्नी ईस्माइल और भांजा 35 वर्षीय इमरान पुत्र ईस्माइल खान, 35 वर्षीय रईस पुत्र रहीमगुल खान, दो सगे भाई जो कर्मचारी है बरखेड़ी निवासी 20 वर्षीय विनोद पुत्र बाबू नाथ और 22 वर्षीय विक्रम शामिल है।
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इसके अलावा दिलावर का दामाद प्रतापगढ़ के देवलदी राजस्थान निवासी 36 वर्षीय याकूब पुत्र फकीरगुल खान, पत्नी 30 वर्षीय बखमीना, 25 वर्षीय शाहबाज पुत्र मीरबादशाह पठान, जयपुर के शास्त्री नगर निवासी 18 वर्षीय शोएब पुत्र अलिम खान और एक 16 वर्षीय किशोर है। पुलिस को इनसे जुड़े और भी आरोपितों की तलाश है। दिलावर ने कुछ सालों पहले ही शायना से दूसरी शादी की है, जिससे उसे एक डेढ़ वर्ष का बेटा है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि याकूब की पत्नी बखमीना ने केमेस्ट्री एमएससी से की है। जिले में याकूब और दिलावर जैसे तीन सरगना चिन्हित है, जो पुलिस की रडार पर है। बताया जाता है कि कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र पुलिस ने जावरा के हुसैन टेकरी से दो आरोपितों मनोहर गुर्जर और जाजू सुल्तान को 10 किलो एमडी ड्रग के साथ पकड़ा था। मुख्य तस्कर भय्यू लाला फरार हो गया था।
याकूब और दिलावर का कनेक्शन भय्यू लाला से भी होने की संभावना जताई जा रही है। दबिश में इंडियन आर्मी की राष्ट्रीय राइफल के फर्जी आइडी कार्ड और पुलिस की वर्दी मिली है। पुलिस इसके राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर जांच कर रही है।
दिलावर व स्वजनों के पास शुरुआत में कोई संपत्ति नहीं थी। कुछ सालों में उसके पास रतलाम, जावरा, मंदसौर, नीमच समेत कई स्थानों पर करीब बेनामी संपत्ति होने का अनुुमान है। भांजे इमरान और परिवार ने 2023 में देवनारायण जयंती पर निकले जुलूस पर पथराव किया था, जिस पर प्रकरण दर्ज किया गया था। गणेश जुलूस के दौरान भी आरोपितों ने बंदूक से धमकाया था। कचरा गाड़ी पर लगे गीत को भी आरोपित घर के सामने नहीं बजने देते हैं।
दिलावर ने 2023 में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से जावरा विधानसभा से चुनाव लड़ा था। जिसमें उसे 2100 वोट मिले थे। ग्रामीणों के अनुसार दिलावर का भांजा इमरान पूर्व में जिलाबदर रह चुका है। आरोपितों के पास 15 से अधिक महंगी लग्जरी गाड़ियों का काफिला है। मकान के बाहर दिलावर के अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज के संभाग अध्यक्ष एवं पत्रकार होने की प्लेट लगी मिली है।
दिलावर का घर भी कब्जे की भूमि पर होने की बात सामने आई है। आसपास के कई हिंदू परिवार दिलावर के डर से घर छोड़ कर भी चले गए है। दिलावर ने कुछ माह पहले जावरा के नवाब की कोठी भी खरीदी है।
ग्रामीणों ने बताया कि दिलावर दिनदहाड़े बंदुक से शिकार करता है। इसके घर पर अनजान लग्जरी गाड़ियां आती रहती है। सालों से पुलिस को इसके गैर कानूनी कामों की भनक है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत करने जाओ तो पुलिस नहीं सुनती। पुलिस की मिलीभगत से इसने गांव में आतंक मचाया हुआ था।
दशहरे पर रावण मारने की परंपरा को भी बंद करवाने का प्रयास किया गया था। गांव के लोग दिलावर और परिवार से प्रताड़ित थे। परिवार की गिरफ्तारी को देखने पूरा गांव मौजूद था। पुलिस जब आरोपितों को ले जा रही थी, तब ग्रामीणों ने जयकारे लगाए और सबके चेहरों पर खुशी नजर आ रही थी।