रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की हत्या का खुलासा, जमीन विवाद में ससुर-देवर ने कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट
रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई की हत्या का पुलिस ने राजफाश किया। प्रेम संबंध और जमीन के आधे हिस्से के विवाद में काका ससुर और देवर गिरफ्तार हुए...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 08:09:43 AM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 08:16:08 AM (IST)
रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की हत्या का राजफाश। (फाइल फोटो)HighLights
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई की हत्या 11 सितंबर को हुई थी।
- काका ससुर और देवर ने कुल्हाड़ी से हत्या की।
- प्रेम संबंध और जमीन के हिस्से को लेकर विवाद था।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम : शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम नयाखेड़ा में 11 सितंबर को हुई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई पत्नी स्वर्गीय रायसिंह डामोर की हत्या का पुलिस ने राजफाश कर दिया है। देवीबाई के काका ससुर 60 वर्षीय बद्दा पुत्र दल्ला डामोर और बद्दा के बेटे 32 वर्षीय बसंतीलाल उर्फ गुड्डा डामोर ने मिलकर तड़के तीन बजे कुल्हाड़ी मारकर हत्या की थी।
देवीबाई और देवर गुड्डा के बीच प्रेम संबंध के चलते हुए इकरारनामें में देवीबाई को जमीन का आधा हिस्सा ना देना पड़े, इसलिए पिता-पुत्र ने मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। दोनों को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
ये है पूरा मामला
- उल्लेखनीय है कि सुबह छह बजे ग्राम नयाखेड़ा निवासी अन्नूसिंह डामोर खेत पर जा रहे थे। रास्ते में देखा कि देवीबाई रोजाना की तरह बरामदे में खाट पर नहीं सो रही थी, बल्कि खाट के पास जमीन पर खून से लथपथ पड़ी थी। उसके सीधे कान के पास सिर पर गहरी चोट थी। इसकी सूचना देवीबाई के देवर भूरालाल डामोर को दी।
- अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी अमित कुमार के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। एएसपी राकेश कुमार पंद्रो, एएसपी विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी ग्रामीण किशोर पाटनवाला, अजाक डीएसपी अजय सारवान के नेतृत्व में टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। मुखबिर से जानकारी मिलने के बाद बसंतीलाल उर्फ गुड्डा और बद्दा डामर से पूछताछ की गई।
पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार किया। गुड्डा का देवीबाई से विवाद होता रहता था। हत्या के दो दिन पूर्व भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस को शुरू से गुड्डा पर शंका थी। घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, दोनों आरोपितों के घटना के समय पहने कपड़े और मोबाइल जब्त किए हैं। आरोपितों ने कुल्हाड़ी और खून से सने कपड़े अपने खेत की झोपड़ी में छिपा दिए थे। पति की मौत के बाद 2017 से थे प्रेम संबंध
- थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना ने बताया कि गुड्डा और देवीबाई के बीच वर्ष 2017 से संबंध थे। इसकी जानकारी परिवार और समाज को होने के बाद देवीबाई के रहने, भरण-पोषण और संपत्ति में हिस्से को लेकर सामाजिक स्तर पर सहमति की बात हुई थी। गुड्डा के पिता बद्दा ने देवीबाई को अपने पुत्र के साथ रखने, परिवार की जमीन में आधा हिस्सा देने, बच्चों के भरण-पोषण और रहने के लिए मकान उपलब्ध कराने की बात कही थी।
- बाद में देवीबाई के रहने के लिए मकान बना दिया गया, लेकिन जमीन में आधा हिस्सा देने से इन्कार कर दिया गया। इसे लेकर देवीबाई और दोनों आरोपितों के बीच लगातार विवाद व कहासुनी होती थी। आरोपित इससे परेशान थे। गांव और समाज में बदनामी से बचने तथा जमीन का आधा हिस्सा नहीं देना पड़े, इसी सोच के चलते दोनों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई। गुड्डा की पहली पत्नी उसे छोड़ चुकी है। दूसरी पत्नी के साथ रहता था।
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इनकी रही भूमिका
- कार्रवाई में रावटी थाना प्रभारी डीएसपी सुरेंद्रसिंह गडरिया, शिवगढ़ थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना, सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया, निरीक्षक कन्हैया अवास्या, एसआइ प्रतापसिंह भदोरिया, अजमेरसिंह भूरिया, ईशाक मोहम्मद खान
- साइबर प्रभारी जीवन बारिया, प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, मनीष खराड़ी, आरक्षक विपुल भावसार, तुषार सिसोदिया और राहुल पाटीदार की भूमिका निभाई। एसपी ने पूरी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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