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ओटीपी नहीं बताया, फिर भी खातों से लाखों पार; रतलाम में तीन लोग हुए साइबर ठगी के शिकार

रतलाम में फेसबुक पर शिक्षिका को क्रेडिट कार्ड का झांसा, व्यापारी के तीन खातों से 3.45 लाख और किसान के खाते से तीन लाख निकाले।

By Jaydeep GurjarEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 01:37:54 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 01:49:48 PM (IST)
ओटीपी नहीं बताया, फिर भी खातों से लाखों पार; रतलाम में तीन लोग हुए साइबर ठगी के शिकार
रतलाम जिले में एक साथ सामने आई साइबर ठगी की तीन घटनाएं। - एआई इमेज

HighLights

  1. तीनों पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने किसी व्यक्ति को ओटीपी साझा नहीं किया
  2. पुलिस के अनुसार कुल 7 लाख 44 हजार 398 रुपये की राशि निकाली गई
  3. मोबाइल बात करने के बहाने लेकर फोन-पे को दूसरे मोबाइल में एक्टिव कर दिया

नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम, सरवन। साइबर ठग अब केवल ओटीपी पूछकर ही लोगों को निशाना नहीं बना रहे हैं। बिना ओटीपी साझा किए भी बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से रकम निकाले जाने के मामले सामने आ रहे हैं। जिले में तीन अलग-अलग मामलों में महिला, 65 वर्षीय किराना व्यापारी और किसान के खातों से लाखों रुपये निकल गए। तीनों पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने किसी व्यक्ति को ओटीपी साझा नहीं किया। तीन मामलों में कुल 7 लाख 44 हजार 398 रुपये की राशि निकाली गई।

फेसबुक पर क्रेडिट कार्ड का झांसा

डोंगरे नगर निवासी महिला घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है। 14 सितंबर को उसने फेसबुक पर सीनियर सिटीजन पेंशन क्रेडिट कार्ड बनाने से संबंधित वीडियो देखा। वीडियो पर रिप्लाई करने के बाद मोबाइल नंबर 9204814846 से उसके पास काल आया। काल करने वाले ने पेंशन क्रेडिट कार्ड बनवाने और कार्ड की लिमिट बढ़ने की बात कही। महिला ने कार्ड बनवाने से मना कर फोन रख दिया।


इसके कुछ समय बाद मोबाइल पर ओटीपी और ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। जांच करने पर पता चला कि उसके क्रेडिट कार्ड और बैंक खाते से 70 हजार, 18 हजार, 6900, 700 और 2800 रुपये के पांच ट्रांजेक्शन हो चुके हैं। कुल 98400 रुपये निकल गए। महिला ने तत्काल बैंक को सूचना दी और 15 सितंबर को साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

व्यापारी के तीन खातों से 3.45 लाख निकले

बड़ावदा थाना क्षेत्र के 65 वर्षीय किराना व्यापारी के तीन बैंक खातों से 17 से 25 सितंबर के बीच कुल 3 लाख 45 हजार 998 रुपये निकाल लिए गए। व्यापारी के भतीजे ने मोबाइल पर आए बैंक के मैसेज देखे, तब रकम निकलने की जानकारी हुई। अलग-अलग तीन खातों से राशि निकाली गई थी। व्यापारी के अनुसार उन्होंने मोबाइल पर आया कोई ओटीपी किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया था।

किसान के खाते से तीन लाख की निकासी

सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम लूणी निवासी हरिशचंद्र पुत्र रूपा डोडियार के सेंट्रल बैंक के बचत खाते से भी साइबर फ्राड के जरिए तीन लाख रुपये निकाल लिए गए। हरिशचंद्र के अनुसार उन्होंने स्वयं कोई रकम नहीं निकाली। खाते से 27 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल तीन लाख रुपये निकाले गए।

राशि निकलने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने बैंक खाते से हुए ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। राशि किस तरह निकली और किन खातों में ट्रांसफर हुई, इसकी जांच की जा रही है। लगातार सामने आ रहे साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए पुलिस ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की हिदायत दे रही है।

बात करने के बहाने मोबाइल लेकर फोन-पे से 1.04 लाख निकाले

सुतारों का वास निवासी 65 वर्षीय इलेक्ट्रिक सामान रिपेयरिंग दुकानदार से उसका मोबाइल बात करने के बहाने लेकर एक युवक ने फोन-पे को दूसरे मोबाइल में एक्टिव कर दिया। इसके बाद करीब डेढ़ माह तक अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर उसके बैंक खाते से 1 लाख 4 हजार रुपये निकाल लिए। खाते में रकम कम मिलने पर मामले का खुलासा हुआ।

पीर मोहम्मद पुत्र शमी उल्ला ताजक ने पुलिस को बताया कि पास की दुकान उन्होंने कलीमी कालोनी निवासी बंटी को किराये पर दे रखी है। 10 अगस्त को करीब 4 बजे बंटी की दुकान पर काम करने वाला प्रकाश उर्फ किट्टू मईड़ा निवासी वायडी थाना रावटी उनकी दुकान पर आया।

प्रकाश ने कहा कि मोबाइल की किस्त नहीं भरने के कारण उसका मोबाइल लाक हो गया है और सेठ से बात करने के लिए मोबाइल मांगा। पीर मोहम्मद ने अपना मोबाइल दे दिया। करीब आधे घंटे बाद प्रकाश ने मोबाइल वापस कर दिया। इसके बाद 29 सितंबर को पीर मोहम्मद इलाज के लिए जावरा गए थे।

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अस्पताल का बिल चुकाने के लिए फोन-पे से रुपये ट्रांसफर करने का प्रयास किया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। छोटे भाई मोहम्मद सादिक ने मोबाइल चेक किया तो खाते में केवल 1572 रुपये मिले। इसके बाद पीर मोहम्मद ने बंटी से प्रकाश के बारे में पूछा। बंटी ने बताया कि प्रकाश 15 अगस्त से ही काम छोड़कर चला गया है। 30 सितंबर को पीर मोहम्मद ने बैंक पहुंचकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया।

इसमें सामने आया कि 10 अगस्त से फोन-पे के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर खाते से कुल 1 लाख 4 हजार रुपये निकाले गए हैं। पीर मोहम्मद ने साइबर पोर्टल पर शिकायत की। आरोपित प्रकाश ने पीर मोहम्मद के मोबाइल का उपयोग कर फोन-पे एप किसी अन्य मोबाइल में एक्टिव किया और रकम निकालकर धोखाधड़ी की।

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