मैहर जिले में हिनौती माइंस हुई ओवरफ्लो, खेतों में रिसाव से धान की फसल बर्बाद होने का खतरा, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत हिनौती में गुप्ता परिवार की जमीन पर बनी माइंस में बिहरागंज माइंस का पानी लगातार डाले जाने से...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 03:39:24 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 03:39:24 PM (IST)
मैहर जिले में हिनौती माइंस हुई ओवरफ्लो, नईदुनियाHighLights
- हिनौती में छोड़ा जा रहा बिहरागंज का पानी
- पानी छोड़े जाने से हिनौती हुई ओवरफ्लो
- पानी के रिसाव से फसल बर्बाद का खतरा
नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर/रामनगर। मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत हिनौती में गुप्ता परिवार की जमीन पर बनी माइंस में बिहरागंज माइंस का पानी लगातार डाले जाने से आसपास के किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पानी के लगातार भराव से हिनौती माइंस ओवरफ्लो की स्थिति में पहुंचती दिखाई दे रही है। माइंस की मेड़ से पानी रिसकर नीचे खेतों में पहुंच रहा है, जहां इस समय धान की फसल लहलहा रही है।
ऐसे में गांव के सभी किसानों को आशंका है कि यदि पानी का दबाव बढ़ा और माइंस की मेड़ टूट गई तो देखते ही देखते उनकी महीनों की मेहनत और पूरी फसल पानी में बह सकती है।
फसल में नहीं डाला जा रहा खाद
मौके से सामने आए वीडियो में माइंस के नीचे खेतों में खड़ी धान की फसल और मेड़ से रिसता पानी दिखाई दे रहा है। किसान का कहना है कि खेत में पानी भरने के कारण समय पर खाद तक नहीं डाली जा पा रही है।
लगातार पानी रिसने से फसल प्रभावित हो रही है। किसानों के लिए चिंता केवल वर्तमान नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें बड़ी दुर्घटना की आशंका सता रही है।
मेड़ टूटी तो खेतों में मचेगी तबाही
ग्रामीणों के अनुसार, बिहरागंज माइंस का पानी लगातार हिनौती माइंस में पहुंचाया जा रहा है। यदि इसी तरह पानी आता रहा तो माइंस की क्षमता से अधिक भराव होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में कमजोर हुई मेड़ के टूटने पर बड़ी मात्रा में पानी नीचे स्थित खेतों में पहुंच सकता है।
इससे धान की फसल के साथ मिट्टी और खेतों को भी नुकसान होने की आशंका है। मामले को लेकर किसान ने अल्ट्राटेक कंपनी के अधिकारियों व अन्य जिम्मेदारों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात कही गई है।
डीएस माइंस के शिशिर ताम्रकार से भी फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में कंपनी का पक्ष सामने नहीं आ सका।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
अब गांव के चितिंत किसानों ने मांग की है कि बिहरागंज माइंस से हिनौती माइंस में पानी डालने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए। साथ ही माइंस की मेड़ और जलभराव की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण कराकर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
किसानों का कहना है कि फसल बर्बाद होने या मेड़ टूटने का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को अभी हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि नुकसान होने से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।