नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिस युवक पर 16 वर्षीय किशोर की हत्या का गंभीर आरोप है, उसके जेल से बाहर आते ही शहर में जिस अंदाज में जश्न मनाया गया, उसने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जमानत पर रिहाई के बाद समर्थकों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया, बाइक रैली निकाली और वाहनों के काफिले के साथ शहर में शक्ति प्रदर्शन किया। हद तो तब हो गई जब आरोपी बोलेरो के बोनट पर बैठकर सिगरेट पीते हुए नजर आया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी है।
मामला 23 वर्षीय मान सिंह उर्फ बेटू सिंगरौल का है, जो 16 वर्षीय सत्यम शुक्ला हत्याकांड में आरोपी है। करीब 14 महीने जेल में रहने के बाद मंगलवार को उसे न्यायालय से जमानत मिली। जेल के बाहर समर्थकों ने उसका स्वागत किया।
इसके बाद वाहनों का काफिला और बाइक रैली लेकर समर्थक शहर की सड़कों पर निकल पड़े। देर शाम काफिला बिरला रोड से होते हुए सिद्धार्थ कॉलोनी पहुंचा। इस दौरान बोलेरो के बोनट पर बैठकर सिगरेट पीते आरोपी का वीडियो चर्चा का विषय बन गया।
बीच-बचाव करने आया था सत्यम, सीने में मार दी थी गोली
यह मामला 4 सितंबर 2025 का है। कोलगवां थाना क्षेत्र में एफसीआई गोदाम के पास सूर्यप्रताप सिंह एक दुकान पर चाय पीने रुका था। इसी दौरान बेटू सिंगरौल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि मोबाइल छीनने और वापस मांगने को लेकर विवाद बढ़ा। इसी बीच सूर्यप्रताप पर गोली चलाने की कोशिश हुई।
घटनास्थल पर मौजूद 16 वर्षीय सत्यम शुक्ला ने बीच-बचाव करते हुए आरोपियों को कट्टा अलग रखने के लिए कहा। इसी बात पर विवाद बढ़ा और आरोपियों ने सत्यम के सीने में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल सत्यम की मौत हो गई। मामले में चार आरोपियों को जेल भेजा गया था।
जमानत मिली, लेकिन सड़क पर किसकी अनुमति से निकला जुलूस ?
न्यायालय से जमानत मिलना आरोपी का कानूनी अधिकार है और जमानत को दोषमुक्ति नहीं माना जा सकता। लेकिन सवाल यह है कि रिहाई के बाद सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह का शक्ति प्रदर्शन किसकी अनुमति से हुआ? क्या पुलिस को इस काफिले की जानकारी नहीं थी? क्या यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन के बोनट पर बैठकर चलना पुलिस की नजर में नहीं आया? बाइक रैली में सुरक्षा नियमों का पालन कराया गया या नहीं?
एक किशोर की हत्या के गंभीर मामले में जमानत पर बाहर आए आरोपी के स्वागत और शक्ति प्रदर्शन का यह अंदाज समाज में क्या संदेश दे रहा है? वीडियो सामने आने के बाद भी यदि जिम्मेदार महकमा कार्रवाई नहीं करता, तो आम नागरिकों के मन में कानून के समान रूप से लागू होने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।