चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का सीमांकन शुरू, अतिक्रमण मिला तो होगा एक्शन
मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से सबक लेते हुए मध्य प्रदेश के हिस्से वाले चित्रकूट की मंदाकिनी नदी के क्षेत्र का सीमांकन शुरू हो गया है।
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 09:32:14 AM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 09:38:29 AM (IST)
मंदाकिनी नदी का सीमांकन शुरू, फाइल फोटोHighLights
- मंदाकिनी नदी के क्षेत्र का सीमांकन शुरू
- मंदाकिनी नदी के क्षेत्र का सीमांकन शुरू
- मंदाकिनी नदी के क्षेत्र का सीमांकन शुरू
नईदुनिया प्रतिनिधि, चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से सबक लेते हुए मध्य प्रदेश के हिस्से वाले चित्रकूट की मंदाकिनी नदी के क्षेत्र का सीमांकन शुरू हो गया है। गौरतलब है कि नईदुनिया ने 17 सितंबर के अंक में उत्तर प्रदेश में मंदाकिनी का सीमांकन शुरू, मप्र में सिर्फ कमेटी बनी शीर्षक खबर प्रकाशित की थी।
इसके बाद शुक्रवार को मप्र-उप्र के राजस्व अमले ने संयुक्त सर्वे किया जिससे नदी किनारे वर्षों से अतिक्रमण जमाए लोगों में हड़कंप मच गया। प्रशासन अब नदी की वास्तविक सीमा और प्रभावित क्षेत्र को चिह्नित करने की कवायद में जुट गया है।
संयुक्त टीम ने किया अवलोकन
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिला कलेक्टर पुलकित गर्ग के नेतृत्व में दोनों राज्यों की संयुक्त टीम ने नदी की सीमा का मौके पर पहुंचकर अवलोकन किया। अधिकारियों ने नदी के किनारे की स्थिति, सीमावर्ती क्षेत्र और संभावित अतिक्रमण वाले स्थानों का जायजा लिया।
इस दौरान राजस्व अमले ने नदी क्षेत्र से संबंधित अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान भी किया।
अतिक्रमणकारियों को चेतावनी, स्वेच्छा से हटा लें कब्जा
प्रशासन की इस कार्रवाई को नदी क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सीमांकन के बाद नदी की सीमा में आने वाले निर्माण और कब्जों को चिह्नित किए जाने की संभावना है।
कलेक्टर पुलकित गर्ग ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन लोगों का अतिक्रमण चिह्नित किया जाएगा, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वेच्छा से अपने कब्जे हटा लें। उन्होंने कहा कि तय अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।