
नईदुनिया प्रतिनिधि, मैहर। शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर मैहर की मां शारदा के दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। शनिवार सुबह माता का विशेष शृंगार और आरती हुई। आज से माता के दर्शन करने आने वाले भक्तों की संख्या बढ़ने का अनुमान है।
शनिवार और रविवार होने के साथ नवरात्र की सप्तमी, महाअष्टमी और महानवमी पर यहां आने वाले भक्तों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि का पूजन भी किया जा रहा है।
इसके पहले शारदीय नवरात्र के छठवें दिन शुक्रवार को भी मां शारदा शक्तिपीठ धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मां शारदा के दर्शन और पूजन के लिए सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। 16 अक्टूबर को लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां शारदा के दर्शन किए। इनमें सबसे अधिक 68,186 श्रद्धालु पैदल मार्ग से मंदिर पहुंचे।
मां शारदा धाम में नवरात्र की षष्ठी पर माता का भव्य शृंगार किया गया और विधि-विधान से आरती हुई। पुजारी पवन पांडेय (दाऊ सरकार) ने पूजन-अर्चन संपन्न कराया। नवरात्रि के छठवें दिन मां दुर्गा के छठवें स्वरूप मां कात्यायनी की आराधना का विधान है। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मां शारदा प्रबंध समिति से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे तक 43,956 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। इनमें पैदल मार्ग से 42,446, वैन मार्ग से 510 और रोपवे से 1,000 श्रद्धालु पहुंचे थे। इसके बाद सुबह आठ से पूर्वाह्न 11 बजे के बीच दर्शनार्थियों की संख्या बढ़कर 70,698 हो गई। इस समय तक पैदल मार्ग से 68,186, वैन मार्ग से 912 और रोपवे से 1,600 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
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नवरात्र के छठवें दिन मां कात्यायनी की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि ऋषि कात्यायन की तपस्या से प्रकट होने के कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। सिंह पर सवार और चार भुजाओं वाली मां कात्यायनी को महिषासुरमर्दिनी भी कहा जाता है। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए माता के दर्शन के लिए पहुंचते रहे।
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